Hot Topics

पढ़ाई के दौरान ही लड़कियों को बच्चा हो जाता है-राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

AKTU के 24वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का संबोधन

छात्रों को जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता का संदेश

तकनीक के सिर्फ उपभोक्ता नहीं, सृजनकर्ता भी बनिए

लखनऊ स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के 24वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, तकनीक और नैतिक जिम्मेदारी पर महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने पढ़ाई के दौरान जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की सलाह दी और विश्वविद्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए।

LUCKNOW/ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल सोमवार को लखनऊ में आयोजित विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। समारोह में 62,537 विद्यार्थियों को डिग्री तथा 53 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। साथ ही सभी डिग्रियों को डिजिलॉकर पर भी अपलोड किया गया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने शिक्षा, तकनीकी विकास, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जिम्मेदारी और विश्वविद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार रखे।

छात्रों को जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता का संदेश

राज्यपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पढ़ाई के दौरान युवाओं को अपने भविष्य और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार छात्र-छात्राएं पढ़ाई के दौरान ऐसे निर्णय ले लेते हैं, जिनका असर उनके जीवन के साथ-साथ परिवार और समाज पर भी पड़ता है।

उन्होंने कहा कि यदि दो लोग एक-दूसरे से प्रेम करते हैं तो विवाह करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शादी का निर्णय तभी लेना चाहिए जब दोनों आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन जाएं। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपने बेटे को भी पहले करियर बनाने और फिर जीवन से जुड़े फैसले लेने की सलाह दी थी।

तकनीक के केवल उपभोक्ता नहीं, सृजनकर्ता बनने की अपील

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत तेजी से तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को केवल तकनीक का उपयोग करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई तकनीकों का विकास करने की दिशा में भी कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत में दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और भारतीय परंपरा का संतुलित समन्वय ही देश के समग्र विकास का आधार बन सकता है।

स्वदेशी रक्षा तकनीक पर दिया जोर

अपने संबोधन में राज्यपाल ने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर था, जबकि अब देश स्वदेशी तकनीक से युद्धपोत, मिसाइल और अन्य रक्षा उपकरण विकसित कर रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भविष्य में रक्षा तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने का लक्ष्य रखें।

विश्वविद्यालयों की व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

राज्यपाल ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के निरीक्षण के अपने अनुभव साझा करते हुए आधारभूत सुविधाओं में पाई गई कमियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई जगह लाइब्रेरी, हॉस्टल और क्लासरूम की योजना छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नहीं बनाई गई है।

उन्होंने हॉस्टलों में खराब डिजाइन, बिना खिड़की वाले कमरों, पानी की टंकियों की सुरक्षा, मेस की गुणवत्ता, स्वच्छता और भवन निर्माण में लापरवाही जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई।

सरकारी धन के प्रभावी उपयोग पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया बजट केवल खर्च करने के लिए नहीं होता, बल्कि उसका उपयोग छात्रों की वास्तविक जरूरतों और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं के विकास में होना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए और बेहतर निगरानी की आवश्यकता बताई।

AKTU के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का संबोधन केवल डिग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनने, आत्मनिर्भरता हासिल करने, तकनीकी नवाचार में योगदान देने और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी। साथ ही विश्वविद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया। आने वाले समय में इन सुझावों पर अमल शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News