समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में कानपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जबकि पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
KANPUR/ समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों का मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को कानपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान से जुड़े मामलों में प्रशासन को तत्काल और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने से पहले महानगर अध्यक्ष को किया गया हाउस अरेस्ट
सपा महानगर अध्यक्ष फजल महमूद ने आरोप लगाया कि वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नितेंद्र यादव और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। उनके अनुसार, पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पार्टी नेताओं ने कोतवाली क्षेत्र में विरोध दर्ज कराया और संबंधित पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नितेंद्र यादव ने कहा कि यदि एक पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी को सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है, तो आम महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक परिवार की महिलाओं को निशाना बनाना सामाजिक और राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। उन्होंने ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
महिला नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
कानपुर ग्रामीण की जिलाध्यक्ष अर्चना रावल ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर महिलाओं और परिवारों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो महिला संगठन और सपा कार्यकर्ता व्यापक आंदोलन शुरू कर सकते हैं।
कानपुर और प्रतापगढ़ में दर्ज हुई एफआईआर
मामले में कानपुर और प्रतापगढ़ में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। कानपुर साइबर थाने में कुछ व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं प्रतापगढ़ में भी एक सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अदिति यादव की तस्वीर को कथित रूप से एडिट कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की उठी मांग
सपा नेताओं ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण मंच है, लेकिन इसका उपयोग किसी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं होना चाहिए। नेताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई न केवल पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है, बल्कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए भी जरूरी है।
अदिति यादव से जुड़े सोशल मीडिया विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर सपा नेताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान और सामाजिक मर्यादा से जुड़ा मुद्दा बताया है, वहीं पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें जांच के निष्कर्ष और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।



