- एफकॉन्स बनाएगा चारबाग से चौक तक 6.52 किमी भूमिगत सेक्शन, सात स्टेशन बनेंगे; तीन साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
भारत 19/ लखनऊ। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। चारबाग से चौक तक 6.52 किलोमीटर लंबे भूमिगत सेक्शन के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला है। कंपनी ने इस काम के लिए जीएसटी सहित 1,632 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाई है। इस हिस्से में सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। घनी आबादी वाले पुराने लखनऊ से गुजरने वाले इस सेक्शन का निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इससे पुराने और नए लखनऊ के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
पांच कंपनियों ने लगाई थी बोलीउत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने लखनऊ मेट्रो के फेज-1बी के तहत ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के भूमिगत हिस्से के डिजाइन और निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसमें पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया था। एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा सैम इंडिया प्रोजेक्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और टाटा प्रोजेक्ट्स ने भी बोली लगाई थी। वित्तीय निविदा पांच अक्टूबर को खोली गई थी। एफकॉन्स की बोली सबसे कम रही। कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी होने की प्रक्रिया के अनुसार निर्माण पूरा करने के लिए तीन साल की अवधि निर्धारित है। 1,632 करोड़ रुपये जीएसटी सहित सबसे कम बोली की राशि है; इसे अंतिम अनुबंध मूल्य तभी माना जाना चाहिए, जब आधिकारिक दस्तावेज इसकी पुष्टि करें।
चारबाग से चौक तक बनेंगे सात भूमिगत स्टेशन
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर चारबाग से वसंत कुंज तक बनाया जा रहा है। इसके पूरा होने से पुराने और नए लखनऊ के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। खासतौर पर पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले और ऐतिहासिक इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। चारबाग से चौक के बीच बनने वाले भूमिगत सेक्शन में सात स्टेशन होंगे। इनके निर्माण के साथ संबंधित सिविल कार्य भी किए जाएंगे। भूमिगत ट्रैक से उन क्षेत्रों तक मेट्रो पहुंच सकेगी, जहां घनी आबादी और सीमित जगह के कारण एलिवेटेड कॉरिडोर बनाना चुनौतीपूर्ण है।
एलिवेटेड सेक्शन और मेट्रो डिपो के टेंडर पहले आवंटित
यूपीएमआरसी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के पांच एलिवेटेड स्टेशनों के वायाडक्ट और वसंत कुंज मेट्रो डिपो के निर्माण के टेंडर पहले ही आवंटित कर चुका है। अब भूमिगत सेक्शन का कॉन्ट्रैक्ट मिलने से परियोजना के दोनों हिस्सों पर काम आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। कॉरिडोर को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए एलिवेटेड और भूमिगत, दोनों हिस्सों का निर्माण साथ-साथ आगे बढ़ाने की योजना है। इससे परियोजना के अलग-अलग चरणों को समन्वित तरीके से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
5,801 करोड़ रुपये की है पूरी परियोजना
लखनऊ मेट्रो के फेज-1बी यानी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 5,801 करोड़ रुपये है। इस कॉरिडोर में कुल 12 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें पांच एलिवेटेड और सात भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। भूमिगत हिस्से के लिए सबसे कम बोली सामने आने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के मुताबिक, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पुराने और नए लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। चारबाग से वसंत कुंज तक मेट्रो का विस्तार पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले और ऐतिहासिक क्षेत्रों के नजदीक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से आवागमन बेहतर होने के साथ पुराने लखनऊ में बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी।

