- रात में निरीक्षण करने पर फूलबाग से पनचक्की चौराहे तक अधूरे कामों को देखकर नाराजगी जताई, जलकल के गड्ढे को रात में ही भरने का अल्टीमेटम, जोन-2 में पूरे हुए 56 पैचवर्क की होगी गुणवत्ता जांच
भारत 19/ कानपुर। शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान में काम की रफ्तार और गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार रात निरीक्षण पर निकले जिलाधिकारी को फूलबाग मल्टीलेवल पार्किंग के पास पैचवर्क में देरी मिली, जबकि पनचक्की चौराहे के निकट सड़क का एक हिस्सा अधूरा छोड़ा गया था। इसी क्षेत्र में जलकल विभाग की खोदाई से बना गड्ढा भी सड़क निर्माण और आवागमन में बाधा बन रहा था। इन कमियों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को उसी रात काम पूरा कराने के निर्देश दिए।
कृष्णा नगर में स्थिति कुछ बेहतर मिली। यहां अधिकांश सड़कों पर पैचवर्क होता पाया गया, लेकिन जोन-2 के सभी काम अभी अधूरे हैं। क्षेत्र में कुल 186 पैचवर्क कार्यों में से 56 पूरे हो चुके हैं। अब इन कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन जिलाधिकारी स्तर से कराया जाएगा। यानी प्रशासन की निगरानी अब सिर्फ काम पूरा होने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी परखा जाएगा कि मरम्मत मानकों के अनुरूप हुई है या नहीं।
फूलबाग और पनचक्की में काम की रफ्तार पर सवाल
फूलबाग मल्टीलेवल पार्किंग के पास लोक निर्माण विभाग के काम में देरी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। पनचक्की चौराहे के पास भी पैचवर्क अधूरा मिला। सड़क का एक हिस्सा छोड़ दिए जाने पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उसे उसी रात हर हाल में पूरा कराया जाए। निरीक्षण में संपर्क मार्गों की स्थिति भी सामने आई। अधिकारियों को इन रास्तों पर गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से चिह्नित कर तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया है। इससे साफ है कि कार्रवाई केवल मुख्य सड़क तक सीमित रखने के बजाय आसपास के संपर्क मार्गों तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जलकल की खोदाई भी सड़क मरम्मत में बनी बाधा
पनचक्की चौराहे के पास जलकल विभाग की ओर से खोदे गए गड्ढे को लेकर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। जलकल के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी को इसे रात में ही भरवाने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क पर आवागमन बाधित न हो और आगे होने वाले निर्माण कार्य में भी अड़चन न आए। यह मामला सड़क मरम्मत में विभागों के बीच समन्वय की जरूरत भी सामने लाता है। एक विभाग सड़क पर काम कराए और दूसरे की खोदाई या अधूरा काम वहीं बाधा बना रहे, तो मरम्मत का लाभ अधूरा रह जाता है। इसी को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अपने लंबित काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
14 अक्टूबर की बैठक में खुलेगी काम की स्थिति
पैचवर्क की प्रगति पर अब 14 अक्टूबर को होने वाली संयुक्त समीक्षा बैठक में चर्चा होगी। नगर निगम के जोनल अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में कुल, प्रगतिरत और लंबित कार्यों का अद्यतन ब्योरा लेकर आने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी आंकड़ों और कार्यों की प्रगति का चार्ट प्रस्तुत करेंगे। बैठक में यह स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र में कितने काम पूरे हुए, कहां काम बाकी है और देरी की वजह क्या है। प्रशासन का जोर लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के साथ उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर है।
