- बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर ‘शो योर टैलेंट’ में भरतनाट्यम, कथक और काव्य पाठ ने बांधा समां, मां शक्ति को समर्पित प्रस्तुतियों के साथ सदाबहार गीतों की भी रही धूम
भारत 19/ कानपुर। नवरात्र के पहले दिन रविवार को कानपुर के बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर सफर के बीच यात्रियों को कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। कानपुर मेट्रो की ‘शो योर टैलेंट’ पहल के तहत ‘आईना’ संस्था के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में भरतनाट्यम, कथक, काव्य पाठ और संगीत की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। नन्हे कलाकारों के नृत्य से लेकर कवियों की रचनाओं और सदाबहार गीतों तक, हर प्रस्तुति ने श्रोताओं का ध्यान खींचा।
मां शक्ति को समर्पित नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा मन
दोपहर 12 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में मां शक्ति को समर्पित प्रस्तुतियां खास आकर्षण रहीं। बाल कलाकार हितांशी दुबे ने ‘अयि गिरिनंदिनि’ गीत पर भरतनाट्यम प्रस्तुत किया, जबकि शुभि सिंह ने ‘जब जिद पे अड़ गई पार्वती’ गीत पर कथक नृत्य से दर्शकों की वाहवाही बटोरी। प्रियांशी मिश्रा, उत्कर्ष दुबे, प्रवीर श्रीवास्तव सहित अन्य कलाकारों ने ‘राम आएंगे’ और ‘मुकाबला’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में विविध रंग भरे।
कवियों की रचनाओं में प्रेम से लेकर जिंदगी तक के भाव
नृत्य प्रस्तुतियों के बाद काव्य पाठ का दौर चला। कवयित्री अहाना मिश्रा ने ‘हमारे इश्क का फूल अब मुरझाने लगा है’ और कवि आशुतोष अवस्थी ने ‘हम तो एक बिंदु पर ठहरे हुए’ रचना सुनाई। सागर कनपुरिया ने ‘इस माटी पर क्यों इतना इतराते हो’ और इब्ने हसन जैदी ने ‘लोग दुश्मन हमारी जान के हैं’ के जरिए अपने भाव श्रोताओं तक पहुंचाए। अनुज मौर्या, रविंद्र सिंह, अनिल कुमार, फैजान खान, श्रेयांश, वैभव, राघव निषाद, प्रियांशी गुप्ता, अनुष्का चड्ढा, श्रुति बाजपेयी, मुंतजिर सलार, आयुष बाजपेयी, हुजैफा अशरफ और प्रेम दुबे ने भी अपनी कविताएं सुनाकर सराहना बटोरी।
सदाबहार गीतों ने सांस्कृतिक महफिल में भरे सुर
कार्यक्रम में संगीत की प्रस्तुतियों ने भी श्रोताओं को बांधे रखा। कर्तव्य प्रताप सिंह, मणि मेहर, शैलवी, शैलेंद्र कुमार जमीर, काजल, अनु बाजपेयी, सुमन तिवारी और अखंड दुबे सहित अन्य कलाकारों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। कलाकारों ने ‘अभी न जाओ छोड़कर’, ‘कैसी पहेली है जिंदगानी’, ‘बातें ये कभी न तू भूलना’, ‘ऐ मेरे दिल के चैन’ और ‘दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। नृत्य, कविता और संगीत की इन प्रस्तुतियों ने बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों को रोजमर्रा के सफर के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम का अनुभव दिया।


