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छोटे शहरों के युवाओं के लिए AI करियर के नए दरवाजे खुले

  • FutureSkills Prime पर 34 लाख से अधिक पंजीकरण, कानपुर में CSJMU की 60 सीटों वाला AI बीटेक, IIT कानपुर का तकनीकी प्रशिक्षण और HBTU की नई AI-ML शाखा से युवाओं को कौशल बढ़ाने के अवसर

भारत 19

विक्सन सिकरोड़िया, कानपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के अवसर तेजी से बदल रहे हैं। अब इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव भी महत्वपूर्ण हो गया है। छोटे शहरों के युवाओं के लिए अच्छी बात यह है कि ऑनलाइन प्रशिक्षण के साथ कानपुर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में भी AI और मशीन लर्निंग की पढ़ाई के विकल्प उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार की FutureSkills Prime पहल, छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), IIT कानपुर और हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (HBTU) के पाठ्यक्रम युवाओं को उभरती तकनीकों से जुड़ने का अवसर दे रहे हैं।

FutureSkills Prime पर 34 लाख से अधिक पंजीकरण

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 14 अगस्त 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्रालय और नैसकॉम की संयुक्त पहल FutureSkills Prime पोर्टल पर 34 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण ले चुके थे या ले रहे थे, जबकि 13 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पाठ्यक्रम पूरे कर प्रमाणपत्र हासिल किए थे। प्रमाणपत्र हासिल करने वालों में महिलाओं की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत थी।

वहीं, पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों में 86 प्रतिशत से अधिक टियर-2 और टियर-3 शहरों से थे। यह आंकड़ा छोटे शहरों के युवाओं में डिजिटल कौशल सीखने की भागीदारी को दर्शाता है। पोर्टल पर AI, बिग डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकों से जुड़े 500 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध थे। इनका उद्देश्य उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद करना है। ऑनलाइन प्रशिक्षण से युवाओं को अपने शहर में रहते हुए तकनीकी दक्षता बढ़ाने का विकल्प मिलता है।

CSJMU में AI बीटेक की 60 सीटें

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में बीटेक पाठ्यक्रम संचालित है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित हैं। इससे कानपुर और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को AI आधारित तकनीकी शिक्षा हासिल करने का विकल्प मिलता है। विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग की जानकारी के मुताबिक, यहां AI प्रशिक्षण और डेटा आधारित शोध को सहयोग देने के लिए सुपरकंप्यूटिंग हब भी स्थापित है।

उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग व्यवस्था के माध्यम से शोध और तकनीकी प्रयोगों को समर्थन मिलता है। AI, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्र यहां की तकनीकी शिक्षा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। औपचारिक डिग्री के साथ प्रोग्रामिंग और वास्तविक परियोजनाओं पर काम करने का अनुभव विद्यार्थियों को तकनीकी भूमिकाओं के लिए अपनी तैयारी मजबूत करने में मदद कर सकता है।

IIT कानपुर में AI और मशीन लर्निंग का प्रशिक्षण

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में AI, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर पाइथन आधारित AI, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग प्रमाणपत्र कार्यक्रम की जानकारी दी गई है। इनमें वास्तविक डेटा पर आधारित परियोजनाओं के जरिए तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है।

ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कामकाजी पेशेवरों को नई तकनीकों की समझ विकसित करने और मौजूदा कौशल को बेहतर बनाने का अवसर देते हैं। हालांकि, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पूरा करना नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है। रोजगार की संभावनाएं अभ्यर्थी की योग्यता, परियोजनाओं, अनुभव और संबंधित पद की जरूरतों पर भी निर्भर करती हैं।

HBTU में शुरू हुई AI और मशीन लर्निंग की नई शाखा

हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (HBTU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली बार कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (AI एवं मशीन लर्निंग) शाखा शुरू की है। विश्वविद्यालय के अनुसार, काउंसिलिंग के दौरान इस नई शाखा की अधिकांश सीटें भर गईं। इस शुरुआत से कानपुर में AI आधारित इंजीनियरिंग शिक्षा का एक और विकल्प उपलब्ध हुआ है। नई शाखा विद्यार्थियों को मशीन लर्निंग, डेटा आधारित प्रणालियों और AI से जुड़ी तकनीकी अवधारणाओं की पढ़ाई का अवसर देती है। इन क्षेत्रों में गणितीय समझ, कोडिंग और वास्तविक समस्याओं पर काम करने का अभ्यास महत्वपूर्ण है।

IIT कानपुर के प्लेसमेंट में 1,202 ऑफर

तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार की संभावनाओं को समझने के लिए IIT कानपुर के प्लेसमेंट आंकड़े भी उपयोगी हैं। संस्थान के प्लेसमेंट कार्यालय की 26 दिसंबर 2025 की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के पहले चरण के कैंपस प्लेसमेंट में 250 से अधिक संगठनों ने हिस्सा लिया और विद्यार्थियों को कुल 1,202 ऑफर मिले। इनमें प्री-प्लेसमेंट ऑफर भी शामिल थे।

विद्यार्थियों ने इनमें से 1,079 ऑफर स्वीकार किए। यह आंकड़ा संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार अवसरों को दर्शाता है। इसे केवल AI, साइबर सुरक्षा या मशीन लर्निंग से जुड़ी नौकरियों की संख्या नहीं माना जा सकता। इन क्षेत्रों में रोजगार के लिए संबंधित तकनीकी कौशल, शैक्षणिक योग्यता और चयन प्रक्रिया में प्रदर्शन की भूमिका रहती है।

साइबर सुरक्षा और क्लाउड कंप्यूटिंग में भी अवसर

AI के साथ साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स में भी तकनीकी दक्षता की जरूरत बढ़ रही है। कंपनियों और संस्थानों में डिजिटल डेटा, ऑनलाइन सेवाओं और नेटवर्क की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती जा रही है। इससे साइबर सुरक्षा विश्लेषण, क्लाउड प्रबंधन, डेटा विश्लेषण और सॉफ्टवेयर विकास से जुड़ी भूमिकाओं के लिए कौशल हासिल करने की उपयोगिता बढ़ती है। 

छोटे शहरों के युवा ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, प्रमाणपत्र कार्यक्रमों और व्यावहारिक परियोजनाओं के जरिए इन क्षेत्रों की बुनियादी समझ विकसित कर सकते हैं। प्रशिक्षण चुनते समय पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, प्रमाणपत्र की मान्यता, व्यावहारिक अभ्यास और उद्योग की जरूरतों से उसके जुड़ाव पर ध्यान देना जरूरी है।

डिग्री के साथ प्रोजेक्ट और व्यावहारिक कौशल जरूरी

AI और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए युवाओं को प्रोग्रामिंग, समस्या समाधान, डेटा विश्लेषण और परियोजनाओं पर काम करने का अनुभव विकसित करना होगा। केवल ऑनलाइन प्रमाणपत्र हासिल करने के बजाय सीखे गए कौशल का इस्तेमाल करके प्रोजेक्ट तैयार करना भी महत्वपूर्ण है। 

ऑनलाइन प्रशिक्षण और स्थानीय संस्थानों के पाठ्यक्रम छोटे शहरों के युवाओं के लिए सीखने के विकल्प बढ़ा सकते हैं। इससे महानगरों में रहने या महंगे निजी प्रशिक्षण संस्थानों पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, रोजगार के लिए निरंतर अभ्यास, तकनीकी दक्षता और बदलती जरूरतों के अनुसार सीखते रहना जरूरी होगा।

कानपुर में AI आधारित डिग्री पाठ्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल कौशल कार्यक्रमों की उपलब्धता युवाओं के लिए नए रास्ते खोल रही है। सही पाठ्यक्रम का चयन, व्यावहारिक अनुभव और कौशल का निरंतर विकास इन अवसरों को करियर में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।

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