- पुरुषाना फूड प्रोडक्ट्स में प्रोपराइटी एडिबल फैट की पैकिंग लाइसेंस श्रेणी से अलग मिली, तीन नमूने लिए गए, फजलगंज और साकेत नगर में 5.88 लाख रुपये से अधिक का खाद्य पदार्थ व कच्चा माल सीज
भारत 19/ कानपुर। फजलगंज में खाद्य कारोबार कर रहे प्रतिष्ठान पर लाइसेंस की शर्तें भारी पड़ गईं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को पुरुषाना फूड प्रोडक्ट्स में प्रोपराइटी एडिबल फैट की ऐसी पैकिंग मिली, जो प्रतिष्ठान के लाइसेंस में निर्धारित श्रेणी के अनुरूप नहीं थी। विभाग ने तत्काल खाद्य कारोबार अग्रिम आदेशों तक बंद करा दिया। मौके से तैयार उत्पाद के तीन नमूने भी लिए गए हैं, जिनकी प्रयोगशाला जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
780 लीटर तैयार उत्पाद समेत कच्चा माल सीज
फजलगंज स्थित प्रतिष्ठान में तैयार प्रोपराइटी एडिबल फैट के 52 गत्ते मिले, जिनमें कुल 780 लीटर उत्पाद था। इसकी अनुमानित कीमत 2,57,400 रुपये बताई गई है। इसके अलावा उत्पाद तैयार करने में इस्तेमाल हो रही 150 किलोग्राम वनस्पति और 133 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल को भी सीज कर दिया गया। वनस्पति की कीमत 20,610 रुपये और सोयाबीन तेल की कीमत 22,211 रुपये बताई गई है। यानी अकेले पुरुषाना फूड प्रोडक्ट्स से करीब तीन लाख रुपये मूल्य का खाद्य पदार्थ और कच्चा माल विभाग की कार्रवाई के दायरे में आया।
साकेत नगर में 2496 बोतल रिफाइंड मूंगफली तेल सीज
खाद्य सुरक्षा विभाग की दूसरी टीम ने साकेत नगर के जूही क्षेत्र में एम/एस सताक्षी ट्रेडर्स पर भी कार्रवाई की। यहां रिफाइंड मूंगफली तेल के 108 गत्ते सीज किए गए। इनमें कुल 2,496 बोतलें थीं। सीज किए गए तेल की अनुमानित कीमत 2,88,000 रुपये बताई गई है। दोनों प्रतिष्ठानों से सीज किए गए खाद्य पदार्थ और कच्चे माल की कुल कीमत 5,88,221 रुपये है। विभाग के मुताबिक सीज सामग्री संबंधित खाद्य कारोबारियों की सुरक्षित अभिरक्षा में दी गई है।
तीन नमूनों की रिपोर्ट तय करेगी आगे की कार्रवाई
सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) संजय प्रताप सिंह के अनुसार फजलगंज स्थित प्रतिष्ठान में लाइसेंस की निर्धारित श्रेणी से अलग खाद्य पदार्थ की पैकिंग मिलने के कारण कारोबार बंद कराया गया है। लिए गए तीन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई का आधार लाइसेंस की श्रेणी बनी
मामले में फिलहाल विभाग की कार्रवाई का मुख्य आधार लाइसेंस की निर्धारित श्रेणी से अलग खाद्य पदार्थ की पैकिंग मिलना है। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद उत्पाद की गुणवत्ता और अन्य पहलुओं से जुड़े तथ्य सामने आएंगे। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।


