- बीजेपी की आठ नामों वाली सूची में आंवला के पूर्व सांसद का नाम नहीं; अखिलेश यादव से हालिया मुलाकातों के बीच पोस्ट ने बढ़ाई सपा में वापसी की चर्चा, कश्यप ने अभी पार्टी छोड़ने का ऐलान नहीं किया
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी की उम्मीदवार सूची सामने आते ही आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। बीजेपी से राज्यसभा टिकट के दावेदारों में उनका नाम चर्चा में था, लेकिन पार्टी की घोषित आठ उम्मीदवारों की सूची में जगह नहीं मिली। इसके अगले ही दिन कश्यप ने फेसबुक पर सिर्फ ‘टाटा बाय-बाय’ लिखा। पोस्ट में बीजेपी का नाम नहीं है, लेकिन समय और राजनीतिक घटनाक्रम ने इसके मायने तलाशने शुरू कर दिए हैं।
बीजेपी की सूची में नहीं मिला मौका
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडे, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। धर्मेंद्र कश्यप इस सूची से बाहर हैं। राज्यसभा टिकट की घोषणा के बाद ही कश्यप की ‘टाटा बाय-बाय’ पोस्ट सामने आई। उन्होंने पोस्ट में यह नहीं बताया कि उनका इशारा किस ओर है। यही अस्पष्टता अब इस एक लाइन को राजनीतिक चर्चा का विषय बना रही है।
अखिलेश से मुलाकातों ने बढ़ाया सस्पेंस
धर्मेंद्र कश्यप की हाल में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकातें भी चर्चा में रही हैं। अब बीजेपी की सूची से उनका नाम बाहर होने और उसके बाद ‘टाटा बाय-बाय’ लिखे जाने से इन मुलाकातों को नए सिरे से देखा जा रहा है। उनकी पोस्ट पर सपा समर्थकों की ओर से ‘वेलकम सांसद जी’ जैसे कमेंट भी किए गए हैं। हालांकि, इन घटनाक्रमों के बावजूद कश्यप की सपा में वापसी की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लिहाजा अभी इसे पार्टी बदलने का फैसला नहीं, बल्कि संभावित राजनीतिक संकेतों को लेकर उठी चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दो बार आंवला से सांसद रह चुके हैं कश्यप
धर्मेंद्र कश्यप 2014 और 2019 में बीजेपी के टिकट पर आंवला लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के नीरज मौर्य से हार मिली। इससे पहले कश्यप समाजवादी पार्टी में भी रह चुके हैं और 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे। यानी कश्यप का सपा से राजनीतिक जुड़ाव नया नहीं है। यही वजह है कि मौजूदा घटनाक्रम में उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात और ताजा सोशल मीडिया पोस्ट को जोड़कर देखा जा रहा है।
‘टाटा बाय-बाय’ के बाद अब अगले कदम पर नजर
कश्यप की पोस्ट में सिर्फ दो शब्द हैं, लेकिन उसके पीछे का राजनीतिक संदर्भ इसे महत्वपूर्ण बना रहा है। राज्यसभा टिकट की उम्मीद, बीजेपी की सूची से नाम गायब होना, अखिलेश यादव से मुलाकात और फिर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखी पोस्ट ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


