- स्वच्छता सप्ताह के तीसरे दिन तीनों शहरों में चला सफाई अभियान; 14 से 28 सितंबर तक हुई हिंदी पखवाड़ा प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र दिए गए
भारत 19
कानपुर। स्वच्छता सप्ताह के तीसरे दिन गुरुवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कानपुर, लखनऊ और आगरा में मेट्रो स्टेशनों, डिपो और आसपास के क्षेत्रों में श्रमदान किया। ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के संदेश के साथ चले अभियान में कर्मचारियों ने सफाई के साथ लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया। यूपीएमआरसी की ओर से 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक तीनों शहरों में स्वच्छता एवं जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कानपुर के सभी 14 मेट्रो स्टेशनों पर श्रमदान
कानपुर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक सभी 14 मेट्रो स्टेशनों पर सुबह नौ से 10 बजे तक श्रमदान किया। गुरुदेव चौराहा स्थित मेट्रो डिपो में भी सफाई अभियान चलाया गया। कर्मचारियों ने स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सफाई कर लोगों को सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।
लखनऊ में स्टेशन परिसरों के आसपास चला अभियान
लखनऊ में सचिवालय मेट्रो स्टेशन सहित विभिन्न स्टेशन परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान में हिस्सा लेकर स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया।
आगरा में स्टेशनों से डिपो तक सफाई
आगरा में परियोजना निदेशक कार्यालय, डिपो परिसर, ताज ईस्ट गेट, कैप्टन शुभम गुप्ता, फतेहाबाद रोड, ताजमहल, डॉ. अंबेडकर चौक और मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने सफाई की। इस दौरान कर्मचारियों ने स्वच्छता की शपथ ली और 100 घंटे श्रमदान करने का संकल्प भी लिया।
सफाई मित्रों के लिए कराई गई प्रतियोगिता
स्वच्छता सप्ताह के दौरान आगरा मेट्रो में स्टेशनों पर तैनात हाउसकीपिंग कर्मचारियों यानी ‘सफाई मित्रों’ के लिए हाउसकीपिंग गेम्स भी आयोजित किए गए। महिला और पुरुष कर्मचारियों के लिए अलग-अलग म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता कराई गई। इसके जरिए रोजाना मेट्रो स्टेशनों को साफ रखने वाले कर्मचारियों के योगदान को सामने लाने और उनका उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया गया।
बच्चों ने पेंटिंग से दिया स्वच्छता का संदेश
आगरा में कम्पोजिट स्कूल, मंटोला के बच्चों ने ‘विकसित भारत 2047’ की थीम पर पेंटिंग बनाई। बच्चों ने मेट्रो की सवारी भी की और स्वच्छता का संकल्प लिया। यूपीएमआरसी की ओर से बताया गया कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और आम लोगों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हिंदी पखवाड़े के विजेताओं का सम्मान
यूपीएमआरसी के प्रशासनिक भवन में प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने हिंदी पखवाड़ा-2026 के विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 14 से 28 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिताओं में निबंध, भाषण, सुलेख, प्रश्नोत्तरी और अनुवाद प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।
तीनों मेट्रो परियोजनाओं के संयुक्त परिणामों में कानपुर के कर्मचारियों ने कई पुरस्कार हासिल किए। अनुवाद प्रतियोगिता में कानपुर के अभिषेक सिंह प्रथम रहे। आयुष श्रीवास्तव और अभिषेक कुमार विश्वकर्मा ने द्वितीय, जबकि अजीत सिंह और स्वप्निल सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निबंध प्रतियोगिता में अभिषेक कुमार विश्वकर्मा द्वितीय और प्रश्नोत्तरी में विकास रंजन द्वितीय रहे। भाषण प्रतियोगिता में लखनऊ की नैन्सी अरोड़ा प्रथम रहीं। निबंध में लखनऊ के हेमंत पांडेय प्रथम और प्रश्नोत्तरी में आगरा के उमंग अग्रवाल प्रथम रहे। सुलेख प्रतियोगिता में लखनऊ की लक्ष्मी चौरसिया प्रथम रहीं।
स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताया
प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी है। इसकी शुरुआत हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी से होती है और मिलकर किए गए प्रयासों का असर व्यापक होता है।


