तीन दिवसीय हड़ताल टलने के बाद आईबीए ने बनाई समिति, बैंक प्रबंधन और बैंक यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल
भारत 19
नई दिल्ली। बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग पर दो साल से अटकी बातचीत अब फिर आगे बढ़ी है। भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसमें बैंक प्रबंधन और बैंक यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति पांच दिवसीय बैंकिंग के विकल्पों, कामकाजी व्यवस्था और इससे जुड़े दूसरे पहलुओं पर विचार कर आगे का रास्ता सुझाएगी। समिति बनना अभी पांच दिवसीय बैंकिंग लागू होने की मंजूरी नहीं है।
2023 में उठा था सभी शनिवार अवकाश का प्रस्ताव
पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग लंबे समय से बैंक कर्मचारी संगठन उठाते रहे हैं। दिसंबर 2023 में आईबीए ने सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा था। इसके पीछे बैंकिंग सेवाओं में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और कामकाज के बदलते स्वरूप को भी आधार बनाया गया था।
2024 में बनी सहमति, अतिरिक्त काम का था मॉडल
मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें संयुक्त नोट में इस व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव आगे बढ़ा। इसमें पहले और तीसरे शनिवार की मौजूदा कार्य व्यवस्था समाप्त कर सभी शनिवारों को अवकाश देने का मॉडल रखा गया था। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम कराने का प्रस्ताव था, ताकि सप्ताह के कुल कामकाजी घंटों में बड़ी कमी न आए। आईबीए ने प्रस्ताव सरकार को भेजा, लेकिन अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी।
सितंबर में फिर तेज हुई पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग
लंबे समय तक मामला लंबित रहने के बाद बैंक यूनियनों ने 2026 में इसे फिर प्रमुख मुद्दा बनाया। सितंबर में आईबीए और यूनियनों के बीच बातचीत के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया गया। इसके तहत 11 सितंबर की हड़ताल और 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला फिर तेज हुआ।
27 सितंबर की वार्ता में निकला समिति का रास्ता
23 सितंबर की बातचीत के बाद 27 सितंबर को आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच निर्णायक वार्ता हुई। इसमें पांच दिवसीय बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति गठित करने पर सहमति बनी। समिति विभिन्न विकल्पों पर विचार करने के साथ बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के पक्ष सुनेगी। इसके आधार पर आगे की व्यवस्था को लेकर समाधान तलाशा जाएगा।
समिति बनी तो तीन दिवसीय हड़ताल हुई स्थगित
समिति गठन पर सहमति के बाद 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी गई। इससे फिलहाल बैंकिंग सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका टल गई है। हालांकि, हड़ताल स्थगित करने के फैसले को लेकर बैंक कर्मचारियों के एक वर्ग में नाराजगी भी सामने आई है। सोशल मीडिया पर यूएफबीयू के फैसले को लेकर विरोध के स्वर देखने को मिले हैं।
रजनीश कर्नाटक को मिली समिति की कमान
आईबीए की ओर से गठित समिति के अध्यक्ष बैंक ऑफ इंडिया के एमडी एवं सीईओ रजनीश कर्नाटक होंगे। पंजाब नेशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्र को वैकल्पिक अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में इंडियन बैंक के एमडी एवं सीईओ बिनोद कुमार, आईडीबीआई बैंक के एमडी एवं सीईओ राकेश शर्मा और भारतीय स्टेट बैंक के डीएमडी जीएस राणा भी शामिल हैं। बैंक यूनियनों की ओर से प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों को भी समिति में जगह दी गई है।
हड़ताल टलने पर कर्मचारियों के अलग-अलग सुर
यूनाइटेड फोरम कानपुर के संयोजक रजनीश गुप्ता ने कर्मचारियों से पांच दिवसीय बैंकिंग पर होने वाली बातचीत में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहल कर्मचारियों के हित में साबित होगी। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल सोनकर ने हड़ताल स्थगित होने पर सदस्यों में निराशा और आक्रोश की बात कही। उन्होंने इसे संघर्ष की वापसी के बजाय अगले चरण की शुरुआत बताया और कर्मचारियों से संगठन पर भरोसा रखने की अपील की।
