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ट्रंप ने फिर कहा, होर्मुज अब ‘ट्रंप स्ट्रेट’

  • Truth Social पर नक्शे में Strait of Hormuz को “TRUMP STRAIT” लिखा, ईरान के सात दिन में जलडमरूमध्य खोलने के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद सामने आया नया पोस्ट

भारत 19 डेस्क
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर रणनीतिक Strait of Hormuz यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को अपने नाम से जोड़ते हुए इसे “TRUMP STRAIT” बताया है। 25 सितंबर की रात Truth Social पर साझा किए गए नक्शे में होर्मुज जलडमरूमध्य की जगह “TRUMP STRAIT” लिखा गया था। यह पोस्ट ईरान के उस प्रस्ताव के बाद सामने आया, जिसमें तेहरान ने सात दिनों के भीतर जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता फिर शुरू करने की पेशकश की थी। ट्रंप का यह कदम सितंबर में दूसरी बार है जब उन्होंने होर्मुज का नाम अपने नाम पर रखने की बात सार्वजनिक रूप से आगे बढ़ाई है। हालांकि, ट्रंप के नक्शे पर TRUMP STRAIT लिखने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Strait of Hormuz का आधिकारिक नाम नहीं बदला है।

नक्शे पर होर्मुज की जगह लिखा ‘TRUMP STRAIT’

ट्रंप की पोस्ट में मध्य पूर्व का नक्शा था, जिसमें ईरान, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और आसपास के इलाके दिखाई दे रहे थे। होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर बड़े अक्षरों में “TRUMP STRAIT” लिखा गया था। Associated Press और अन्य रिपोर्टों ने 26 सितंबर को इस पोस्ट की पुष्टि की। यह पोस्ट ऐसे समय आया जब होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने के लिए शर्तों के साथ प्रस्ताव दिया था, जबकि ट्रंप ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

सितंबर में पहले भी नाम बदलने की बात कही

ट्रंप इससे पहले सितंबर में सार्वजनिक रूप से होर्मुज का नाम बदलकर “Trump Strait” करने का विचार सामने रख चुके हैं। 2 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर इस नाम का सुझाव दिया था। बाद में 10 सितंबर को भी उन्होंने इसे “Trump Strait” कहे जाने की बात दोहराई थी। 25 सितंबर की पोस्ट में अंतर यह था कि इस बार नाम को केवल बयान में नहीं बल्कि नक्शे पर ही “TRUMP STRAIT” के रूप में प्रदर्शित किया गया।

ईरान ने सात दिन में खोलने का प्रस्ताव दिया

ईरान ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा था। इसके तहत अमेरिकी सैन्य दबाव और ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी से जुड़ी कुछ शर्तों में बदलाव होने पर तेहरान ने सात दिनों के भीतर होर्मुज को फिर खोलने और परमाणु वार्ता आगे बढ़ाने की पेशकश की थी। प्रस्ताव मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बाद में कहा कि होर्मुज खोलने का कोई भी कदम ईरान की शर्तों की पूर्ति पर निर्भर करेगा और मौजूदा गतिरोध का समाधान बातचीत से ही हो सकता है।

ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव किया खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति ने 26 सितंबर को ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने की पुष्टि की। ट्रंप ने कहा कि ईरान तत्काल होर्मुज खोलना चाहता है, लेकिन जिस तरह का समझौता तेहरान ने प्रस्तावित किया है, वह अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं है। इससे होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध बना हुआ है। ईरान अपनी शर्तों पर जलडमरूमध्य खोलने की बात कर रहा है, जबकि अमेरिका तत्काल खोलने और अपने सैन्य दबाव को बनाए रखने की स्थिति में है।

नाम बदलने की चर्चा के पीछे बड़ा विवाद

“Trump Strait” का इस्तेमाल केवल नामकरण से जुड़ा घटनाक्रम नहीं है। यह ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान होर्मुज के नियंत्रण, समुद्री यातायात और सैन्य दबाव को लेकर आमने-सामने हैं। ईरान की सात दिन में जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश को ट्रंप ने पहले ही खारिज कर चुके हैं।

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