- 15 से 17 अक्तूबर तक आयोजन, 200 स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक खेती की तस्वीर; सात राज्यों से 25 से 30 हजार किसानों के पहुंचने की संभावना
भारत 19
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में तीन साल बाद एक बार फिर किसान मेला और कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन होने जा रहा है। 15 से 17 अक्तूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय मेले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, खेती के नए तौर-तरीकों और कृषि उद्यम से जुड़ी जानकारी एक ही जगह मिलेगी। उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तर भारत के सात राज्यों से करीब 25 से 30 हजार किसानों के पहुंचने की संभावना है।

200 स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक खेती की तस्वीर
इस बार मेले में स्टॉल की संख्या बढ़ाकर 200 की जाएगी। विश्वविद्यालय के मुख्य भवन परिसर में लगने वाली कृषि उद्योग प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि यंत्रों और खेती में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों का प्रदर्शन होगा। किसान इन तकनीकों को करीब से देखकर उनके उपयोग और खेती में संभावित फायदे की जानकारी ले सकेंगे। कृषि से जुड़े विभिन्न संस्थानों और संगठनों की भागीदारी से प्रदर्शनी में खेती के अलग-अलग क्षेत्रों की तकनीक एक ही जगह देखने को मिलेगी।
उन्नत फसलों और बीजों पर भी रहेगा फोकस
मेले में सीएसए के अधीन संचालित 15 कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों, सरकारी संस्थाओं, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी रहेगी। इनके माध्यम से तैयार की गई फल, सब्जी, धान, गेहूं, दलहन और तिलहन की उन्नत फसलों और बीजों का प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नई किस्मों के साथ उनसे जुड़ी कृषि तकनीकों की जानकारी भी ले सकेंगे।
गाय-भैंस से मुर्गी-बकरी पालन तक जानकारी
किसान मेले में फसल उत्पादन के साथ पशुपालन से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी जाएगी। गाय, भैंस, बकरी और मुर्गी पालन से जुड़ी उपयोगी जानकारियां किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी। खेती के साथ पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियों को अपनाने वाले किसानों को विशेषज्ञों से जानकारी लेने का अवसर मिलेगा। इससे कृषि आधारित अतिरिक्त आय के विकल्पों को समझने में भी मदद मिल सकती है।
प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज पर जागरूकता
मेले में औषधीय गुणों वाली फसलों, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज के बारे में किसानों को जागरूक किया जाएगा। कृषि उद्यमियों और किसानों के सवालों का समाधान विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। किसान गोष्ठियों के जरिए खेती से जुड़े विषयों पर चर्चा और जानकारी का आदान-प्रदान भी होगा। इससे किसानों को नई कृषि पद्धतियों और तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
सात राज्यों से पहुंचेंगे हजारों किसान
मेले की तैयारियों को लेकर कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में स्टॉल की संख्या बढ़ाने सहित आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। निदेशक प्रसार डॉ. वीके त्रिपाठी के अनुसार क्षेत्रीय किसान मेले में यूपी के साथ उत्तर भारत के सात राज्यों से करीब 25 से 30 हजार किसानों के पहुंचने की संभावना है। तीन साल बाद होने जा रहे इस आयोजन को देखते हुए किसानों की संख्या के अनुरूप प्रदर्शनी और अन्य व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।
किसानों को एक जगह मिलेगी कई तरह की जानकारी
सीएसए का किसान मेला किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, मोटे अनाज और पशुपालन से जुड़ी जानकारी हासिल करने का मंच बनेगा। तीन दिन के आयोजन में किसान प्रदर्शनी देखने के साथ विशेषज्ञों से खेती से जुड़े सवालों के जवाब भी ले सकेंगे। मुख्य भवन परिसर में लगने वाली प्रदर्शनी में कृषि तकनीक, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और कृषि उद्यम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक मंच पर लाने की तैयारी है।


