- नीरज दीक्षित ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए डीएम को पत्र भेजा; इसके बाद चौक सराफा कमेटी ने कार्यकारिणी के साथ उनकी प्रारंभिक सदस्यता भी समाप्त की, मुकुंद मिश्रा और विनोद गुप्ता की टिकट दावेदारी के बीच बढ़ा संगठनात्मक विवाद
भारत 19
कानपुर। आर्यनगर विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी का असर अब व्यापारिक संगठनों की अंदरूनी राजनीति में भी दिखाई देने लगा है। कानपुर के चौक सराफा कमेटी में चुनाव और शपथ ग्रहण के बाद शुरू हुआ विवाद अब नीरज दीक्षित के इस्तीफे, जिलाधिकारी को शिकायत और उनकी प्रारंभिक सदस्यता समाप्त किए जाने तक पहुंच गया है। आर्यनगर सीट से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा और उनसे अलग होकर व्यापार मंडल की गतिविधियों में सक्रिय विनोद गुप्ता की दावेदारी चर्चा में है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच चौक सराफा कमेटी के भीतर घटनाक्रम ने विवाद को और बढ़ा दिया।
शपथ ग्रहण के बाद शुरू हुआ विवाद
चौक सराफा कमेटी के चुनाव 18 अगस्त को हुए थे। इसके बाद 20 अगस्त को नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। चौक सराफा कमेटी को पहले से मुकुंद मिश्रा से जुड़े कानपुर उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध माना जाता रहा है। नीरज दीक्षित भी इसी व्यापार मंडल से जुड़े रहे हैं और दो बार चौक सराफा कमेटी के अध्यक्ष तथा लंबे समय तक प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। शपथ ग्रहण समारोह में मुकुंद मिश्रा को प्रमुखता दिए जाने के बजाय विनोद गुप्ता के माध्यम से सांसद रमेश अवस्थी को बुलाए जाने को लेकर व्यापार मंडल के भीतर असहमति सामने आई। व्यापार मंडल के नेताओं के मुताबिक इसको लेकर मुकुंद मिश्रा ने नीरज दीक्षित से भी सवाल किया था।
मतगणना और मनोनयन को लेकर भी असहमति
विवाद केवल शपथ ग्रहण समारोह तक सीमित नहीं रहा। कमेटी के चुनाव में मतगणना के दिन कुछ सदस्यों की ओर से दोबारा मतगणना की मांग उठाई गई थी। नीरज दीक्षित ने भी दोबारा मतगणना कराने की बात रखी, लेकिन यह नहीं कराई गई। इसके बाद चार सदस्यों के मनोनयन को लेकर भी नीरज दीक्षित ने असहमति जताई। इसी घटनाक्रम के बीच उन्होंने अपना त्यागपत्र दे दिया।
डीएम को पत्र में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
त्यागपत्र देने के बाद कमेटी की ओर से उन्हें 18 सितंबर तक कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद नीरज दीक्षित ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पत्र में उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां और शंकाएं दर्ज कराते हुए मामले में न्याय की मांग की। कमेटी को इस पत्र की जानकारी मिलने के बाद बैठक बुलाई गई। इसके बाद नीरज प्रकाश दीक्षित को कार्यकारिणी के साथ-साथ प्रारंभिक सदस्यता से भी निष्कासित करने का फैसला लिया गया।
कमेटी ने नीरज के आरोपों पर रखा अपना पक्ष
चौक सराफा कमेटी के प्रवक्ता पवन अग्रवाल के मुताबिक 20 अगस्त को सांसद रमेश अवस्थी और व्यापारी नेता विनोद गुप्ता की मौजूदगी में 17 कार्यकारिणी सदस्यों का शपथ ग्रहण और सम्मान हुआ था। उनका कहना है कि उस समय नीरज दीक्षित ने अपनी आपत्ति कमेटी के सामने नहीं रखी थी। कमेटी का यह पक्ष उसके और नीरज दीक्षित के बीच विवाद को लेकर अलग तस्वीर पेश करता है। वहीं नीरज दीक्षित ने डीएम को भेजे पत्र में चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
टिकट की दावेदारी से जुड़ रहा विवाद
व्यापार मंडल के कुछ नेताओं का कहना है कि चौक सराफा में चल रहे विवाद को आर्यनगर विधानसभा सीट की टिकट दावेदारी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। उनके मुताबिक मुकुंद मिश्रा और विनोद गुप्ता दोनों की राजनीतिक सक्रियता और व्यापारिक संगठनों में प्रभाव इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि का हिस्सा है। हालांकि, चौक सराफा विवाद को सीधे टिकट की दावेदारी का परिणाम मानना संबंधित पक्षों के बयानों और दस्तावेजों के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल सामने आया घटनाक्रम चुनाव प्रक्रिया, संगठनात्मक संबद्धता और पदाधिकारियों के बीच मतभेद से जुड़ा है।
दोनों पक्ष भाजपा से जुड़े व्यापारिक संगठनों में सक्रिय
नीरज दीक्षित भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं और भाजपा की जिला कमेटी में पदाधिकारी भी रह चुके हैं। वहीं मुकुंद मिश्रा और विनोद गुप्ता भी भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारियों के रूप में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में आर्यनगर सीट की संभावित दावेदारी के बीच व्यापारिक संगठनों में सामने आया यह विवाद आने वाले दिनों में भी चर्चा में रह सकता है। फिलहाल मामला डीएम को भेजे गए पत्र, कमेटी की कार्रवाई और दोनों पक्षों के दावों के बीच केंद्रित है।


