- तंबौर के रेडियंस इंटर कॉलेज में गैर-मुस्लिम छात्रों को धार्मिक पुस्तकें देने का आरोप, प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षक पर एफआईआर, हिंदी दिवस कार्यक्रम में अभिभावकों को भी साहित्य बांटने का दावा
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में तंबौर स्थित रेडियंस इंटर कॉलेज को लेकर रविवार को विवाद सामने आया। गैर-मुस्लिम छात्रों को इस्लामिक साहित्य उपलब्ध कराने और उसके आधार पर सवाल पूछे जाने के आरोप में पुलिस ने कॉलेज के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और एक शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामला कथित धर्मांतरण के प्रयास से भी जोड़ा गया है। पुलिस ने विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत जांच शुरू कर दी है।
छात्रों को धार्मिक किताबें देने का आरोप
विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री उत्तम सिंह की तहरीर के मुताबिक, कॉलेज में गैर-मुस्लिम विद्यार्थियों को इस्लाम से संबंधित पुस्तकें दी जाती थीं। आरोप है कि अगले दिन छात्रों से उन्हीं पुस्तकों में दी गई सामग्री के आधार पर सवाल पूछे जाते थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अपेक्षित जवाब नहीं देने पर विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था।
हिंदी दिवस कार्यक्रम में भी बांटी गईं किताबें
शिकायत में 14 सितंबर के हिंदी दिवस कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि कार्यक्रम में आए गैर-मुस्लिम अतिथियों और अभिभावकों को भी इस्लाम से संबंधित पुस्तकें दी गईं। पुलिस अब इन आरोपों से जुड़े तथ्यों और कथित तौर पर वितरित साहित्य की पड़ताल कर रही है।
प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षक पर FIR
पुलिस ने कॉलेज के प्रबंधक अजीज गौरी, प्रधानाचार्य एजाज अहमद और एक शिक्षक को मामले में आरोपी बनाया है। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस विद्यार्थियों और अभिभावकों के बयान दर्ज करने तथा संबंधित सामग्री की जांच की तैयारी में है।
पुलिस जांच में जुटी, साक्ष्यों पर आगे कार्रवाई
तंबौर थाना पुलिस के अनुसार मुकदमा दर्ज कर साक्ष्य संकलन शुरू कर दिया गया है। जांच में यह देखा जाएगा कि कथित साहित्य किन विद्यार्थियों और अभिभावकों को दिया गया, उसमें क्या सामग्री थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है। पुलिस ने विभागीय जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी पत्र भेजा है।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
फिलहाल इस पूरे मामले में धर्मांतरण के प्रयास और धार्मिक साहित्य बांटने के आरोप शिकायत व एफआईआर पर आधारित हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या उनके संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। सीओ लहरपुर ने भी कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


