- सेवा संकल्प अभियान के तहत यात्रा शुरू, 17 अक्टूबर तक स्कूलों में होंगे कार्यक्रम, आईआईटी विशेषज्ञ विद्यार्थियों को ‘समस्या से समाधान और समाधान से प्रोडक्ट’ तक नवाचार की सीख देंगे
भारत 19
कानपुर। विकसित भारत के लक्ष्य को युवाओं की वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने के लिए शनिवार को आईआईटी कानपुर से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ का शुभारंभ किया गया। भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शुरू हुए इस अभियान में विद्यार्थियों को केवल तकनीक की जानकारी देने के बजाय समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक समाधान और उपयोगी उत्पाद विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान का फोकस नवाचार, रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर रखा गया है। 17 अक्टूबर तक कानपुर समेत क्षेत्र के विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे और विद्यार्थियों का आईआईटी कानपुर के प्रोफेसरों से संवाद कराया जाएगा।
स्मार्ट ग्रिड लैब में ऊर्जा क्षेत्र के नवाचार देखे
अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की स्मार्ट ग्रिड लैब का भ्रमण किया। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में चल रहे अनुसंधान और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की जानकारी ली। विशेषज्ञों और शोधार्थियों से संवाद के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित की जा रही तकनीकों पर चर्चा हुई। प्रो. अंकुश शर्मा, पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा, प्रो. प्रबोध बाजपेयी और पीएचडी छात्रों ने शोध एवं तकनीकी विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।
रिसर्च को लैब से बाजार और समाज तक पहुंचाने पर जोर
डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि विश्वविद्यालयों, आईआईटी और शोध संस्थानों में होने वाले अनुसंधान को उद्योग और समाज की जरूरतों से जोड़ने की जरूरत है। शोध का उपयोग ऐसे उत्पाद विकसित करने में होना चाहिए, जो व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने के साथ देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने और उनके तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच, प्रतिभा और अनुसंधान क्षमता को सही दिशा देना विकसित भारत के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
‘समस्या से समाधान और समाधान से प्रोडक्ट’ पर फोकस
अभियान के क्षेत्रीय संयोजक वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि 17 अक्टूबर तक कानपुर सहित क्षेत्र के विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें विद्यार्थियों और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसरों के बीच संवाद प्रमुख रहेगा। विद्यार्थियों को नवाचार की पूरी प्रक्रिया से जोड़ने के लिए ‘समस्या से समाधान और समाधान से प्रोडक्ट’ की सोच विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों को रिसर्च, तकनीकी समाधान और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की बुनियादी प्रक्रिया से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
युवाओं को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने की कोशिश
अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने के लिए तकनीकी शिक्षा और नवाचार को माध्यम बनाया गया है। आईआईटी कानपुर जैसे शोध संस्थान के विशेषज्ञों के साथ संवाद के जरिए विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं पर सोचने और उनके समाधान तलाशने का अवसर देने की योजना है। इस तरह अभियान का जोर केवल विकसित भारत के संकल्प तक सीमित न रहकर युवाओं की सोच को नवाचार, अनुसंधान और उपयोगी उत्पादों में बदलने पर भी है।


