- कक्षा 9-10 के 5,967 और 11-12 के 4,266 आवेदन संस्थानों में लंबित; दो दिन में सत्यापन का आदेश, 40 संस्थानों का छात्रवृत्ति पोर्टल मास्टर डाटा भी अधूरा मिला
भारत 19
कानपुर। छात्रवृत्ति के आवेदन स्कूल-कॉलेज स्तर पर अटकने को लेकर कानपुर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा में 10,233 आवेदन संस्थानों के स्तर पर लंबित मिले। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने इन सभी आवेदनों का दो दिन में सत्यापन कर आगे भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान की लापरवाही से कोई पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हुआ तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा पूर्वदशम् यानी कक्षा 9-10 और दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना को लेकर हुई। प्रशासन ने आवेदन प्रक्रिया में देरी के साथ पोर्टल पर अधूरे रिकॉर्ड को भी गंभीरता से लिया है।
10,233 आवेदन स्कूल-कॉलेज स्तर पर अटके
समीक्षा में कक्षा 9-10 के 5,967 और कक्षा 11-12 के 4,266 आवेदन संस्थानों के स्तर पर लंबित पाए गए। डीएम ने सभी संबंधित संस्थानों को इन्हें प्राथमिकता से निस्तारित करने और अगले दो दिनों में सत्यापन के बाद अग्रसारित करने को कहा। यानी छात्र की ओर से आवेदन किए जाने के बाद भी संस्थान स्तर की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से भुगतान की अगली कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
40 संस्थानों का मास्टर डाटा भी अधूरा
दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में 40 शैक्षणिक संस्थानों का छात्रवृत्ति पोर्टल पर मास्टर डाटा अपडेट नहीं मिला। डीएम ने इसे 26 सितंबर तक हर हाल में पूरा कराने को कहा है। प्रशासन ने संस्थानों को आवेदन प्रक्रिया के साथ पोर्टल पर अपने रिकॉर्ड भी समय सीमा में दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले सत्र में छूटे छात्रों को भी मौका
वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित रह गए विद्यार्थियों के मामलों की भी समीक्षा की गई। संबंधित संस्थानों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ऐसे छात्रों के आवेदन 28 सितंबर तक अग्रसारित करने को कहा गया है। इससे पिछले सत्र में आवेदन या संस्थागत प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण लाभ से छूटे विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है।
ज्यादा आवेदन लंबित रखने वाले स्कूल चिन्हित
समीक्षा में उन विद्यालयों को अलग से देखा गया जहां कक्षा 9-10 और 11-12 के अधिक आवेदन लंबित हैं। इनमें जनसेवा इंटर कॉलेज प्रेमपुर, पं. गुरु प्रसाद गया प्रसाद इंटर कॉलेज, चौ. अयोध्या प्रसाद हायर सेकेंडरी स्कूल, यूनाइटेड एजूकेशन बिल्हौर, आयशा सिद्धिकी और हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज शामिल रहे। इन संस्थानों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही हुई तो प्रधानाचार्य होंगे जिम्मेदार
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कहा कि कॉलेज स्तर पर छात्रवृत्ति के काम में लापरवाही मिलने या किसी पात्र छात्र के लाभ से वंचित रहने पर संबंधित प्राचार्य या प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पिछले वर्ष के मुकाबले कम आवेदन कराने वाले कॉलेजों की भी समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए।
प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चिंता क्या
छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है। ऐसे में आवेदन समय पर आगे न बढ़ने से पात्र छात्र को लाभ मिलने में देरी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने इस बार आवेदन लंबित रहने से लेकर पोर्टल डाटा अपडेट नहीं होने तक संस्थानों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
कब तक क्या करना है
लंबित आवेदन : 10,233
सत्यापन और अग्रसारण : दो दिन में
मास्टर डाटा : 40 संस्थानों को 26 सितंबर तक अपडेट करना है
पिछले सत्र से वंचित छात्र : आवेदन 28 सितंबर तक अग्रसारित
जवाबदेही : लापरवाही पर प्रधानाचार्य/प्राचार्य की जिम्मेदारी तय होगी


