- 96 बैंक खातों में लेनदेन की पूरी श्रृंखला खंगाल रही पुलिस, हवाला-सट्टेबाजी से साइबर इन्वेस्टमेंट और जीएसटी आईटीसी तक पहुंची जांच
भारत 19
कानपुर। करीब 5600 करोड़ रुपये के साइबर फर्जीवाड़े और कथित हवाला-सट्टेबाजी नेटवर्क की जांच अब रकम के पूरे रास्ते तक पहुंच गई है। पुलिस 96 बैंक खातों में हुए लेनदेन की कड़ियां जोड़कर रकम के स्रोत, ट्रांसफर के रास्ते और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने में जुटी है। मनी ट्रेल पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED), GST और आयकर विभाग को भेजे जाने की तैयारी है। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियां अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में वित्तीय लेनदेन और कर संबंधी पहलुओं की जांच आगे बढ़ा सकती हैं।
मामले में बुधवार को उस समय नई कड़ी जुड़ी, जब चार दिन से फरार चल रहे चकेरी निवासी इखलाक हुसैन ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के कार्यालय पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इखलाक से पूछताछ के बाद पुलिस ने बांसमंडी से आमिर को भी गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ में 19 नए बैंक खातों की जानकारी सामने आई। इसके साथ ही जांच के दायरे में आए खातों की संख्या 77 से बढ़कर 96 हो गई।
चार खातों में 7.53 करोड़ का लेनदेन
पुलिस के मुताबिक इखलाक के चार बैंक खातों में करीब 7.53 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 1.84 करोड़, एसबीआई में 1.09 करोड़, एचडीएफसी में 1.10 करोड़ और आईसीआईसीआई बैंक खाते में 3.50 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन शामिल हैं। अब पुलिस इन रकम के स्रोत और गंतव्य की कड़ियां जोड़ रही है। इखलाक ने पूछताछ में दावा किया है कि उसके बैंक खातों का आमिर ने गलत इस्तेमाल किया था। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि खातों का वास्तविक संचालन कौन करता था और उनमें आने वाली रकम किन खातों या माध्यमों से आगे भेजी जाती थी।
19 नए खातों से खुली जांच की नई परत
आमिर से पूछताछ में अतहर और रिट्ज फैशन नाम से संचालित फर्मों से जुड़े 19 बैंक खातों की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इनमें छह खाते एक ही पैन नंबर पर क्लस्टर के रूप में खोले गए थे। खातों को खोलने में आठ पैन नंबर और पांच मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल की जानकारी भी मिली है। अब इन खातों के केवाईसी दस्तावेज, खाताधारकों की जानकारी और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कागजों पर खाताधारक कौन हैं और वास्तव में उनका संचालन किसके हाथ में था।
हवाला से साइबर इन्वेस्टमेंट तक रकम का नेटवर्क
जांच में कथित हवाला, ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी, साइबर इन्वेस्टमेंट और जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC से जुड़े लेनदेन के एंगल सामने आए हैं। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े 16 खातों में करीब 1037 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी पुलिस को मिली है। वहीं, कुछ प्रमुख आईसीआईसीआई और एचडीएफसी खातों में करीब 3000 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब इन बड़े लेनदेन को 96 खातों की पूरी श्रृंखला से जोड़कर देख रही है।
फर्जी फर्मों से विदेश तक पहुंच रही कड़ियां
जांच में विदेश, खासकर दुबई में बैठे लोगों से जुड़े लेनदेन का एंगल भी सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी फर्मों के खातों में रकम आने के बाद उसे किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया और आखिरकार उसका लाभ किसे मिला। इसी कड़ी में बैंक खातों, फर्मों, पैन नंबरों, मोबाइल नंबरों और केवाईसी दस्तावेजों को आपस में मिलाकर देखा जा रहा है। पुलिस की कोशिश रकम के पहले स्रोत से अंतिम लाभार्थी तक पूरी मनी ट्रेल तैयार करने की है।
मनी ट्रेल पूरी होते ही बढ़ेगा जांच एजेंसियों का दायरा
पुलिस अब तक सामने आए लेनदेन को अलग-अलग एंगल से जोड़कर देख रही है। खासतौर पर हवाला, सट्टेबाजी, साइबर इन्वेस्टमेंट और जीएसटी आईटीसी से जुड़े लेनदेन की प्रकृति की पड़ताल की जा रही है। मनी ट्रेल और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद जानकारी ED, GST और आयकर विभाग को भेजे जाने की तैयारी है। इससे मामले की जांच का दायरा पुलिस की कार्रवाई से आगे बढ़कर मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं तक जा सकता है।


