- BIS ने प्रति आभूषण हॉलमार्किंग शुल्क 45 से बढ़ाकर 75 रुपये किया, हल्के वजन की ज्वेलरी पर सबसे ज्यादा असर; ज्वेलर्स ने सरकार से समीक्षा और अलग शुल्क स्लैब की मांग की
भारत 19
नई दिल्ली। त्योहार और शादी के सीजन में अगर आप कम वजन की सोने की ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो इस बार आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। सोने की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के बीच भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये प्रति वस्तु कर दी है। यानी अब हर आभूषण पर 30 रुपये अधिक शुल्क देना होगा। यह बढ़ोतरी करीब 66.67 प्रतिशत है और इस पर लागू कर भी अलग से देय होगा।
हल्की ज्वेलरी खरीदने वालों पर सबसे ज्यादा असर
सोने के दाम लगातार ऊंचे बने रहने के कारण ग्राहक भारी हार और कंगनों की जगह अंगूठी, नोज पिन, पेंडेंट, छोटे ईयररिंग्स और बच्चों की ज्वेलरी जैसे हल्के आभूषण खरीदने की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में नई हॉलमार्किंग फीस का सबसे अधिक असर इन्हीं कम वजन वाले आभूषणों पर पड़ेगा। दरअसल, हॉलमार्किंग शुल्क वजन के हिसाब से नहीं बल्कि प्रति वस्तु लिया जाता है। यानी आधा ग्राम की अंगूठी और पांच ग्राम की अंगूठी, दोनों पर समान 75 रुपये शुल्क लगेगा।
ज्वेलर्स ने जताई आपत्ति, सरकार से राहत की मांग
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने शुल्क वृद्धि पर आपत्ति जताते हुए सरकार से तत्काल समीक्षा की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि सोने की बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहक पहले ही कम वजन की ज्वेलरी खरीदने को मजबूर हैं। ऐसे समय में प्रति वस्तु शुल्क बढ़ने से किफायती आभूषणों की लागत पर अनुपातहीन असर पड़ेगा।
ज्वेलर्स के सामने बढ़ी लागत की चुनौती
AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के अनुसार, ज्वेलर्स के सामने दो ही विकल्प हैं—या तो अतिरिक्त लागत खुद वहन करें, जिससे पहले से सीमित मार्जिन और घटेगा, या फिर यह बोझ ग्राहकों पर डालें, जिससे आभूषण महंगे हो जाएंगे। फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने कहा कि हल्के और कम मूल्य वाले आभूषणों के लिए अलग और रियायती हॉलमार्किंग शुल्क तय किया जाना चाहिए। साथ ही सूक्ष्म और लघु ज्वेलर्स को भी राहत देने की जरूरत है।
AIJGF की प्रमुख मांगें
फेडरेशन ने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
हॉलमार्किंग शुल्क को फिलहाल फिर से 45 रुपये प्रति वस्तु किया जाए।
शुल्क बढ़ाने से पहले उद्योग और उपभोक्ता संगठनों से परामर्श लिया जाए।
हल्के वजन के सोने के आभूषणों के लिए अलग शुल्क स्लैब लागू किया जाए।
त्योहार और विवाह सीजन से पहले फेडरेशन ने शुल्क वृद्धि की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
जानिए क्या बदला? (Quick Facts)
हॉलमार्किंग फीस पहले ₹45 प्रति आभूषण
नई हॉलमार्किंग फीस ₹75 प्रति आभूषण
प्रति वस्तु अतिरिक्त बोझ ₹30 + लागू कर
शुल्क वृद्धि 66.67%
सबसे ज्यादा असर हल्के वजन की गोल्ड ज्वेलरी पर


