- ट्रैफिक सुधार को लेकर जनप्रतिनिधियों ने डीसीपी यातायात के सामने रखे सुझाव; चौराहों पर पुलिस तैनाती, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई, ई-रिक्शा के लिए तय मार्ग-स्टॉप पर जोर
भारत 19
कानपुर। शहर के लगातार बिगड़ते यातायात और जाम की समस्या को लेकर सोमवार को पहली बार सांसद और विधायक एक साथ एक मंच पर बैठे। सांसद सेवा केंद्र में सांसद रमेश अवस्थी की पहल पर हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के जाम वाले चौराहों और मार्गों की समस्याएं पुलिस अधिकारियों के सामने रखीं। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन को जाम की प्रमुख वजह बताते हुए इनके समाधान के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया।
पीक आवर से पहले चौराहों पर तैनात हो ट्रैफिक पुलिस
जनप्रतिनिधियों ने प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर पीक आवर में यातायात पुलिस की प्रभावी मौजूदगी बढ़ाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि कई स्थानों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों पर पहले से पुलिसकर्मियों की तैनाती और यातायात संचालन की योजना बनाई जाए, ताकि जाम लगने के बाद उसे हटाने के बजाय पहले ही नियंत्रित किया जा सके।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से सिकुड़ रही सड़क
बैठक में सड़क किनारे अतिक्रमण और अवैध पार्किंग को जाम की बड़ी वजह बताया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कई प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण और पार्किंग के कारण सड़क की उपलब्ध चौड़ाई घट जाती है। इससे वाहनों के निकलने की जगह कम पड़ती है और थोड़े से दबाव में लंबा जाम लग जाता है। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर नियमित कार्रवाई का सुझाव दिया गया।
ई-रिक्शा के लिए तय हों रूट और स्टॉप
ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन पर भी जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई। प्रमुख बाजारों और चौराहों पर इनके रुकने और सवारी भरने से यातायात प्रभावित होने की बात कही गई। इसके लिए निर्धारित रूट और स्टॉप तय करने तथा व्यस्त चौराहों के आसपास ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने का सुझाव दिया गया।
ट्रैफिक सिग्नल से लेकर जाम वाले मार्गों की समीक्षा
जनप्रतिनिधियों ने ट्रैफिक सिग्नल की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने पर भी जोर दिया। जिन चौराहों पर सिग्नल के बावजूद यातायात का दबाव बना रहता है, वहां वास्तविक ट्रैफिक दबाव के अनुसार व्यवस्था में बदलाव का सुझाव दिया गया। प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दबाव और जाम वाले स्थानों का अध्ययन कर स्थायी समाधान तलाशने की बात कही गई।
कागजों में नहीं, सड़कों पर दिखे सुधार
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि कानपुर जैसे औद्योगिक शहर में यातायात व्यवस्था व्यापार, उद्योग और आम लोगों की दिनचर्या से सीधे जुड़ी है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को जाम का सामना करना पड़ता है। इसलिए यातायात सुधार को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर सड़कों पर दिखाई देना चाहिए।
पुलिस उपायुक्त यातायात रविन्द्र कुमार ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों को व्यावहारिक बताते हुए उनके आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे और जिन समस्याओं के समाधान में दूसरे विभागों की जरूरत होगी, उनके साथ समन्वय किया जाएगा। बैठक में विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित, शिवराम सिंह, पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया, वरिष्ठ भाजपा नेता मणिकांत जैन आदि मौजूद रहे।


