- दादानगर-विजय नगर मार्ग की बदहाली पर उद्योग बंधु बैठक में उठा मामला; जल निगम, यूपी मेट्रो और पीडब्ल्यूडी में जिम्मेदारी तय नहीं, मुख्य अभियंता को तत्काल समाधान के निर्देश
भारत 19
कानपुर। दादानगर से विजय नगर जाने वाली सड़क एक साल से ज्यादा समय से बदहाल है, लेकिन सड़क से ज्यादा जिम्मेदारी तय करने की कवायद चलती रही। जल निगम, यूपी मेट्रो और लोक निर्माण विभाग के बीच मामला एक-दूसरे पर डाले जाने की शिकायत मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में पहुंची तो मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन नाराज हो गए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को संबंधित विभागों से समन्वय कर तत्काल सड़क को मोटरेबल कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि विभागों की खींचतान का खामियाजा जनता और उद्यमियों को नहीं भुगतना चाहिए।
जिम्मेदारी के फेर में अटकी सड़क की मरम्मत
फीटा उद्योग संघ के महासचिव उमंग अग्रवाल ने बैठक में बताया कि दादानगर-विजय नगर मार्ग लंबे समय से टूटा पड़ा है। पिछले एक साल से अधिक समय से विभिन्न बैठकों में सड़क को मोटरेबल कराने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। जल निगम, यूपी मेट्रो और पीडब्ल्यूडी के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पाने से सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों से मांगा जवाब
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर मंडलायुक्त ने अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर विवाद हो सकता है, लेकिन इसका खामियाजा आम जनता और उद्यमियों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को तत्काल समन्वय कर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए।
सड़क सुधार के लिए धन की होगी व्यवस्था
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क ठीक कराने में यदि धन की जरूरत पड़ती है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने लंबे समय से लंबित समस्या को और टालने के बजाय तत्काल काम शुरू कराने और आवागमन सुचारू करने पर जोर दिया।
औद्योगिक गतिविधियों के लिए अहम है मार्ग
उद्यमियों के मुताबिक दादानगर और विजय नगर के बीच यह मार्ग औद्योगिक गतिविधियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क खराब होने से वाहनों के आवागमन में परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में उद्यमी विभागों के बीच जिम्मेदारी तय करने के बजाय सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने की मांग कर रहे हैं। बैठक में मनोज बंका, मिक्की मनचंदा और शेष नारायण त्रिवेदी भी मौजूद रहे।


