- CSJMU में फिल्म टीम का सम्मान; निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने साझा की अपनी आध्यात्मिक यात्रा, बोले- ईश्वर को बाहर नहीं अपने भीतर तलाशें
भारत 19
कानपुर। विज्ञान पढ़ने वाला एक शख्स अध्यात्म की ओर मुड़ा और महज 15 दिन की तैयारी में फिल्म बना डाली। यह कहानी है ‘हनुमान अंश’ के लेखक, निर्देशक और निर्माता डॉ. विशाल चतुर्वेदी की। बुधवार को फिल्म की पूरी टीम छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) पहुंची, जहां कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने टीम का सम्मान किया। समारोह में फिल्म से ज्यादा चर्चा उस सोच की हुई, जिसमें ईश्वर को बाहर तलाशने के बजाय अपने भीतर महसूस करने का संदेश दिया गया।
विज्ञान के विद्यार्थी से अध्यात्म की तलाश तक
डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि ‘हनुमान अंश’ को तैयार करने की पूरी प्रक्रिया महज 15 दिनों की तैयारी में पूरी हुई। उन्होंने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि विज्ञान का विद्यार्थी होने के बावजूद समय के साथ उनका झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ता गया। उनके अनुसार मनुष्य केवल भौतिक जीवन जीने वाला प्राणी नहीं, बल्कि मूल रूप से आध्यात्मिक अस्तित्व है। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर आत्मा का वास है और जीवन में आने वाली परिस्थितियां उसे धीरे-धीरे अपने भीतर झांकने के लिए प्रेरित करती हैं।
इंद्रियों, भावनाओं और सांसों पर ध्यान
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि व्यक्ति को अपनी इंद्रियों, भावनाओं और सांसों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ईश्वर को बाहर तलाशने के बजाय अपने भीतर महसूस करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस दिन मनुष्य अपने भीतर मौजूद ईश्वर की अनुभूति कर लेता है, उसी दिन उसके जीवन की यात्रा का वास्तविक अर्थ सामने आने लगता है।
कुलपति बोले, मनुष्य सिर्फ ‘वाहक’ है
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मनुष्य इस सृष्टि में केवल ‘वाहक’ की भूमिका में है। वह किसी वस्तु, विचार या संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का माध्यम भर है। उन्होंने कहा कि जीवन और सृष्टि का संचालन मनुष्य की व्यक्तिगत शक्ति से नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा से संभव है। इसलिए व्यक्ति को अपनी भूमिका समझते हुए जीवन के प्रति सकारात्मक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।
मनोरंजन के साथ जीवन पर सोचने वाली फिल्म
वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य वंदना पाठक ने ‘हनुमान अंश’ की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में समाज को ऐसी फिल्मों की जरूरत है, जो मनोरंजन के साथ जीवन और मूल्यों पर विचार करने के लिए भी प्रेरित करें। उन्होंने फिल्म के पात्रों और कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की और कहा कि कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से किरदारों को जीवंत कर दिया है।
CSJMU में सिनेमा से अध्यात्म तक संवाद
सम्मान समारोह के दौरान फिल्म की टीम और विश्वविद्यालय परिवार के बीच संवाद भी हुआ। चर्चा का केंद्र फिल्म की कहानी, उसकी आध्यात्मिक पृष्ठभूमि और जीवन को देखने का नजरिया रहा। ‘हनुमान अंश’ को नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विचारों पर आधारित फिल्म के रूप में रिपोर्ट किया गया है। फिल्म की टीम हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर चुकी है।
फिल्म टीम के ये सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में फिल्म के लेखक, निर्देशक एवं निर्माता डॉ. विशाल चतुर्वेदी, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर पीयूष ठाकुर, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या, अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी, संगीत निर्देशक एवं गायक साधु तिवारी, संगीत निर्देशक, गायक एवं पोस्ट प्रोड्यूसर ऋषि पाठक तथा एसोसिएट एडिटर रितिश केशरवानी मौजूद रहे।


