- राजधानी में लगातार नए मरीज, कानपुर के हैलट-उर्सला में 40 बेड रिजर्व; यूपी में पुष्ट मामले 685
Bharat 19 कानपुर। उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 का संक्रमण अब राजधानी लखनऊ से लेकर कानपुर तक स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहा है। लखनऊ में लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं, जबकि कानपुर में संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए अस्पतालों ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। हैलट और उर्सला अस्पताल में 20-20 बेड रिजर्व किए गए हैं और 200 वैक्सीन की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 2 सितंबर तक H1N1 के 685 लैब से पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं।
लखनऊ में एक दिन में नौ नए मरीज
राजधानी में H1N1 संक्रमण की रफ्तार लगातार सामने आ रही है। 4 सितंबर को लखनऊ में नौ नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इससे पहले भी लगातार नए मामले सामने आने के बाद शहर में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़ी है। राजधानी में बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग निगरानी और जांच व्यवस्था पर जोर दे रहा है।
200 वैक्सीन की व्यवस्था, अस्पतालों में तैयारी
लखनऊ में संक्रमण बढ़ने के साथ कानपुर की तैयारी खास मायने रखती है। शहर के हैलट और उर्सला अस्पताल में 20-20 बेड रिजर्व किए गए हैं। संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल सूचना देने और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने खतरे को देखते हुए 200 वैक्सीन मंगाई हैं। अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और इलाज की व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं। फोकस खासतौर पर ऐसे मरीजों पर है, जिनमें संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
चार दिन में 134 नए पुष्ट मामले
प्रदेश स्तर पर भी संक्रमण की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है। 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश में H1N1 के 551 पुष्ट मामले थे, जो 2 सितंबर तक बढ़कर 685 हो गए। यानी चार-पांच दिनों के भीतर 134 नए लैब-पुष्ट मामले सामने आए। इसी बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार ने निगरानी और अस्पतालों की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।
अब सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होगी जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने H1N1 की जांच को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी, मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 जांच मुफ्त कराने को कहा गया है। अधिक मामले वाले जिलों में निगरानी, दवाओं, जांच और आइसोलेशन की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश हैं।
गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU की तैयारी
सरकार ने गंभीर मरीजों के इलाज के लिए अलग ICU की व्यवस्था करने और फ्लू मरीजों के लिए अलग काउंटर व ओपीडी बनाने पर जोर दिया है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेष निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए हैं।


