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AI एजेंट से UPI भुगतान की तैयारी, बदलेगा डिजिटल पेमेंट

  • NPCI तैयार कर रहा Unified Agent Protocol, तय सीमा में AI एजेंट कर सकेंगे छोटे भुगतान; सुरक्षा नियंत्रण और खर्च की सीमा होगी जरूरी

भारत 19 डेस्क 

भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव आने की तैयारी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऐसा ढांचा विकसित कर रहा है, जिसके जरिए यूजर की ओर से अधिकृत AI एजेंट UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। शुरुआत छोटे और कम राशि वाले लेनदेन से होने की संभावना है। नई व्यवस्था में यूजर पहले से तय कर सकेगा कि AI एजेंट कितनी रकम तक और किन परिस्थितियों में भुगतान कर सकता है। इससे हर छोटे लेनदेन के लिए यूजर को खुद भुगतान की पूरी प्रक्रिया दोहराने की जरूरत कम हो सकती है।

अगले सप्ताह सामने आ सकता है नया प्रोटोकॉल

NPCI का Unified Agent Protocol (UAP) अगले सप्ताह मुंबई में होने वाले Global Fintech Fest में सामने आ सकता है। रायटर ने मामले से परिचित तीन लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है। NPCI ने रायटर के सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित व्यवस्था के तौर पर ही देखा जा रहा है।

AI एजेंट खोज से भुगतान तक संभाल सकेगा

नई व्यवस्था में AI एजेंट की भूमिका केवल सलाह देने तक सीमित नहीं रहेगी। यूजर उसे किसी सामान या सेवा की तलाश, कीमत की तुलना और निर्धारित बजट में खरीदारी का निर्देश दे सकता है। मसलन, कोई ग्राहक AI एजेंट को किसी उत्पाद को एक निश्चित कीमत से कम में मिलने पर खरीदने के लिए अधिकृत कर सकता है। शर्त पूरी होने पर एजेंट खरीदारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाकर भुगतान भी कर सकेगा। शुरुआती दौर में किराना जैसे छोटे और नियमित भुगतानों को इसके संभावित इस्तेमाल में शामिल किया जा सकता है। आगे चलकर इसका इस्तेमाल ज्यादा जटिल ऑनलाइन खरीदारी में भी हो सकता है।

बैंक खाते पर AI को नहीं मिलेगा खुला अधिकार

AI एजेंट को भुगतान की क्षमता मिलने का अर्थ यह नहीं होगा कि उसे यूजर के बैंक खाते पर असीमित अधिकार मिल जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में खर्च की सीमा, एजेंट की पहचान, यूजर की अनुमति और लेनदेन का रिकॉर्ड जैसे सुरक्षा उपाय महत्वपूर्ण होंगे। रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक NPCI ऐसा ढांचा भी तैयार कर सकता है, जिससे व्यापारी AI एजेंट से होने वाले भुगतान को स्वीकार कर सकें। साथ ही यह तय किया जा सकेगा कि एजेंट किस परिस्थिति में और कितनी रकम का भुगतान कर सकता है।

UPI Circle और Reserve Pay होंगे उपयोगी

प्रस्तावित एजेंट आधारित भुगतान व्यवस्था के लिए UPI के मौजूदा फीचर भी आधार बन सकते हैं। UPI Circle के जरिए पहले से किसी अधिकृत व्यक्ति या प्रोफाइल को निर्धारित सीमा में भुगतान की अनुमति देने की सुविधा मौजूद है। वहीं Reserve Pay भविष्य के भुगतानों के लिए रकम अलग रखने की व्यवस्था देता है। इन सुविधाओं का इस्तेमाल AI एजेंट आधारित भुगतान में अधिकार और भुगतान सीमा को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है।

गलत भुगतान पर जवाबदेही भी बड़ा सवाल

AI एजेंट को भुगतान का अधिकार मिलने के साथ सुरक्षा और जवाबदेही सबसे बड़ी चुनौती होगी। यदि एजेंट गलत उत्पाद खरीदता है, निर्धारित सीमा से बाहर भुगतान करता है या किसी धोखाधड़ी का शिकार होता है तो नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह स्पष्ट करना जरूरी होगा। इसीलिए एजेंट की पहचान और सत्यापन, भुगतान की सीमा, लेनदेन की निगरानी तथा विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने जैसे पहलू अहम होंगे।

UPI का अगला चरण बन सकता है Agentic Commerce

AI एजेंट को UPI से जोड़ने का असर सिर्फ डिजिटल भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा। इससे Agentic Commerce को बढ़ावा मिल सकता है। इसमें यूजर को अपनी जरूरत, बजट और शर्तें बतानी होंगी, जबकि AI एजेंट उत्पाद तलाशने से लेकर भुगतान तक के कई चरण खुद संभाल सकेगा। भारत में UPI और AI को जोड़ने के प्रयोग पहले से चल रहे हैं। NPCI ने बातचीत के जरिए भुगतान की सुविधा Hello! UPI के रूप में शुरू की है। अब AI एजेंट को सीधे भुगतान की क्षमता देने की दिशा में कदम डिजिटल कॉमर्स को नए स्तर पर ले जा सकता है।

अगस्त में UPI लेनदेन ने बनाया नया रिकॉर्ड

अगस्त 2026 में UPI पर 24.51 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये रहा। इतने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले भुगतान नेटवर्क में AI एजेंट को जोड़ने से भारत में स्वचालित डिजिटल खरीदारी का दायरा तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि, फिलहाल इसे आम यूजर के लिए उपलब्ध सुविधा के बजाय NPCI की तैयार की जा रही व्यवस्था के रूप में देखना जरूरी है। UAP के सामने आने और इसके नियम स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चलेगा कि AI आधारित UPI भुगतान कब और किस सीमा तक आम लोगों के लिए उपलब्ध होगा।

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