- एआई स्क्रीनिंग, ऑनलाइन टेस्ट और वर्चुअल इंटरव्यू से चयन; डिप्लोमा से ज्यादा प्रैक्टिकल स्किल और तकनीकी दक्षता पर जोर
भारत 19
विक्सन सिकरोड़िया, कानपुर। पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए नौकरी का मानक अब केवल उनका डिप्लोमा नहीं रह गया है। डिप्लोमाधारक छात्रों को कंपनियां अपनी कसौटी पर तब तक खरा नहीं मानतीं, जब तक वे उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल का एग्जाम पास नहीं कर लेते हैं। कंपनियां इसका सबसे बड़ा इस्तेमाल कैंपस प्लेसमेंट के लिए होने वाली ऑनलाइन परीक्षा में कर रही हैं।
राजकीय पॉलिटेक्निक लखनऊ के प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. एसपी सोनी ने बताया कि दूर शहरों में बैठे कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी सर्वश्रेष्ठ छात्रों का चयन करने के लिए एआई स्क्रीनिंग, कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट और वर्चुअल इंटरव्यू को अब प्राथमिकता दे रहे हैं। जहां एक ओर छात्रों को परखने का यह तरीका सख्त है, वहीं इससे अच्छे छात्रों के सामने अब मल्टीनेशनल कंपनियों तक के दरवाजे भी खुलने लगे हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के इस दौर में कंपनियां पॉलिटेक्निक छात्रों के अंकों के प्रतिशत व सामान्य लिखित परीक्षा के आधार पर नौकरी देने के बजाय स्किल, प्रैक्टिकल नॉलेज, समस्या सुलझाने की क्षमता और तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता दे रही हैं। देश में कैंपस हायरिंग अब पहले की तुलना में अधिक तकनीक आधारित हो गई है।
एआई निगरानी में ऑनलाइन टेस्ट, तीन चेतावनी पर प्लेसमेंट रद्द
कंपनियां ऑनलाइन परीक्षा के दौरान एआई टूल की मदद से छात्रों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं। कंपनियां तीन बार एआई टूल की मदद से छात्र को इधर-उधर देखने या कोई मूवमेंट करने पर चेतावनी देती हैं कि कृपया मूवमेंट न करें। अगर तीन बार चेतावनी के बाद भी छात्र नहीं मानता है तो उसका कैंपस प्लेसमेंट अपने आप रद्द हो जाता है। डेलॉयट इंडिया की 2026 की रिपोर्ट बताती है कि 86 प्रतिशत नियोक्ता अपनी नियुक्ति प्रक्रिया में एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बायोडाटा से इंटरव्यू तक डिजिटल हो रही स्क्रीनिंग
कंपनियां अब छात्रों के बायोडाटा और शैक्षिक रिकॉर्ड की शुरुआती स्क्रीनिंग डिजिटल माध्यम से कर रही हैं। इसके बाद छात्रों से ऑनलाइन एप्टीट्यूड, तकनीकी ज्ञान, लॉजिकल रीजनिंग और ट्रेड से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। एआई आधारित असेसमेंट प्लेटफॉर्म वास्तविक परिस्थितियों के सिमुलेशन, भूमिका आधारित टेस्ट और साइकोमेट्रिक मूल्यांकन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
प्लेसमेंट में इन चरणों पर एआई का इस्तेमाल
- रिज्यूमे/बायोडाटा स्क्रीनिंग
- एकेडमिक सर्टिफिकेट वेरीफिकेशन
- ऑनलाइन एप्टीट्यूड एंड कोडिंग टेस्ट
- कम्युनिकेशन एंड एआई वीडियो इंटरव्यू
- टेक्निकल इंटरव्यू/कोडिंग इंटरव्यू
एआई प्रशिक्षण से छात्रों को मिल रहा प्लेसमेंट फायदा
डॉ. सोनी ने बताया कि प्लेसमेंट के बदलते ट्रेंड को देखते हुए छात्रों को एआई टूल का इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जहां तक प्लेसमेंट का सवाल है तो कैंपस प्लेसमेंट में एआई आने के बाद मैकेनिकल ऑटोमोबाइल, मैकेनिकल प्रोडक्शन, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स व प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी जैसी ब्रांच में सौ प्रतिशत छात्रों को ऑफर मिले हैं। इन ब्रांच में कई छात्रों को दो-दो कंपनियों ने चुना है। वहीं आईटी व सिविल इंजीनियरिंग में भी प्लेसमेंट इस वर्ष अच्छा रहा है।

