– फॉर्च्यूनर में ही मारी गई गोली, शव दुबग्गा की नहर में फेंका; पत्नी ने ड्राइवर पर लगाया था अपहरण का आरोप, उन्नाव की जमीन रंजिश पर जांच
भारत 19 लखनऊ। हिंदूवादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की जांच में सबसे बड़ा शक उनके ड्राइवर पर टिक गया है। शनिवार से लापता धीरेंद्र का शव रविवार को दुबग्गा के पास शारदा सहायक नहर से बरामद हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उनकी अपनी फॉर्च्यूनर में ही गोली मारकर हत्या की गई और शव नहर में फेंक दिया गया। परिवार ने लापता होने के बाद ही ड्राइवर पर अपहरण का आरोप लगाया था। अब पुलिस उन्नाव के जमीन विवाद और हत्या की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है।
लापता होने के बाद नहर में मिला शव
धीरेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे और लंबे समय से लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में रह रहे थे। शनिवार को उनके अचानक लापता होने के बाद परिवार ने तलाश शुरू की। पत्नी ममता सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर ड्राइवर और उसके साथियों पर पति को अगवा करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तलाश शुरू की। रविवार को दुबग्गा क्षेत्र में नहर में शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव बाहर निकाला गया तो उसकी पहचान धीरेंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या की दिशा में जांच तेज कर दी।
अपनी ही फॉर्च्यूनर में मारी गई गोली
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक धीरेंद्र की फॉर्च्यूनर के अंदर ही गोली मारकर हत्या की गई। इसके बाद शव को वाहन से नहर तक ले जाकर पानी में फेंके जाने की आशंका है। शरीर पर गोली लगने के निशान मिले हैं। फोरेंसिक टीम ने फॉर्च्यूनर और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गोली लगने और मौत की परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
ड्राइवर की भूमिका क्यों आई शक के घेरे में
धीरेंद्र के लापता होने के बाद परिवार ने सबसे पहले ड्राइवर पर संदेह जताया था। पुलिस ने ड्राइवर समेत दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच में उसके बयानों और उपलब्ध CCTV फुटेज के बीच अंतर मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा हुआ। पुलिस अब ड्राइवर की गतिविधियों, मोबाइल लोकेशन और धीरेंद्र के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी टाइमलाइन खंगाल रही है। हत्या में ड्राइवर के अलावा और कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है।
उन्नाव का जमीन विवाद बना अहम जांच एंगल
हत्या की वजह तलाश रही पुलिस को उन्नाव में जमीन से जुड़े विवाद की कड़ी भी मिली है। पुलिस यह पता लगा रही है कि धीरेंद्र का किन लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और क्या इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई। फिलहाल जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस ने अभी इसे हत्या का अंतिम कारण घोषित नहीं किया है। विवाद से जुड़े लोगों और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
मोबाइल और CCTV से खुल रही हत्या की कड़ियां
पुलिस धीरेंद्र के लापता होने के समय से लेकर नहर में शव मिलने तक की गतिविधियों को तकनीकी साक्ष्यों से जोड़ रही है। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या कब और कहां हुई और शव को नहर तक कौन लेकर गया। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फॉर्च्यूनर में हत्या के समय कितने लोग मौजूद थे और वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए क्या-क्या प्रयास किए।
छह पुलिस टीमें जांच में जुटीं
मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने छह टीमें लगाई हैं। ड्राइवर समेत दो संदिग्धों से पूछताछ चल रही है, जबकि अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के सामने अब तीन अहम सवाल हैं कि हत्या की साजिश किसने रची, धीरेंद्र की फॉर्च्यूनर में गोली किसने चलाई और उन्नाव के जमीन विवाद का इस हत्या से क्या संबंध है। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर साफ होगी। धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की जांच में फिलहाल ड्राइवर की भूमिका, फॉर्च्यूनर, नहर में शव मिलने और जमीन विवाद चार प्रमुख कड़ियां बनकर सामने आई हैं। पुलिस इन्हीं कड़ियों को जोड़कर हत्या की पूरी साजिश तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


