उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी ग्राम सभाओं में वीबीजी-रामजी योजना के कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध क्रियान्वयन, अमृत सरोवरों के सौंदर्यीकरण और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश भी जारी किए।
लखनऊ / उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित 7, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभाग की प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया और अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभी ग्राम सभाओं में तत्काल शुरू हों वीबीजी-रामजी योजना के कार्य
उप मुख्यमंत्री ने वीबीजी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि प्रदेश की सभी ग्राम सभाओं में बिना किसी विलंब के कार्य प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने रोजगार सेवकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान, नियमित एफडीओ की नियुक्ति तथा प्रशासनिक एवं कार्ययोजना मद की धनराशि का जिलेवार आवंटन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
15 अगस्त से पहले अमृत सरोवरों का सौंदर्यीकरण पूरा करने के आदेश
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त से पहले साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, रेलिंग, सौंदर्यीकरण और अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमृत सरोवर ग्रामीण विकास और जनभागीदारी के आदर्श केंद्र के रूप में दिखाई देने चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से पत्राचार कर प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए अतिरिक्त चार लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने का अनुरोध किया जाए।
उन्होंने वर्तमान में आवंटित 6.18 लाख आवासों की जिलेवार सूची तैयार कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरी प्रक्रिया के डिजिटलीकरण, जीआईएस एवं जियो टैगिंग के माध्यम से निगरानी तथा आधार आधारित ऑटो-वेरिफिकेशन लागू करने पर भी बल दिया।
तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारत सरकार के स्पर्श ऐप और प्रदेश के वित्त विभाग के ऐप के माध्यम से धन आवंटन में आ रही तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए।
उन्होंने जिलास्तर पर तकनीकी टीम गठित करने, विशेषज्ञों की सहायता लेने तथा केंद्र सरकार के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
सोशल ऑडिट और डिजिटल मॉनिटरिंग होगी मजबूत
श्री मौर्य ने कहा कि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ग्राम स्तर पर नियमित सोशल ऑडिट कराया जाए। साथ ही वीबीजी-रामजी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुंच सके।
उन्होंने आवेदन से स्वीकृति तक की प्रक्रिया को 15 से 30 दिनों के भीतर पूरा करने तथा सभी विभागीय अनुमतियों के लिए नोडल डेस्क स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों को चेतावनी
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि विभाग में कार्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता या सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति नकारात्मक सोच रखने वाले अधिकारियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी को पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करना होगा।
ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण विकास योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करना है। वीबीजी-रामजी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत सरोवर विकास और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे कदम ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।


