कानपुर में राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक में 152 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जबकि अवैध पार्किंग और सड़क किनारे संचालित गतिविधियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन का बड़ा अभियान
KANPUR/ कानपुर नगर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने की। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, सड़क सुरक्षा प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और दुर्घटना नियंत्रण उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
ड्रोन सर्वे में मिले 152 अतिक्रमण
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि ड्रोन एनालिटिक्स मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से हाईवे किनारे कुल 152 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इन अतिक्रमणों की पहचान के बाद संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे अवैध कब्जे और अनधिकृत गतिविधियां दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
1033 हेल्पलाइन और ‘राजमार्ग यात्रा’ एप से करें शिकायत
हाईवे पर अतिक्रमण या अन्य समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए आम नागरिकों को भी सुविधा दी गई है। लोग टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल एप के माध्यम से भी शिकायत भेजी जा सकती है। इस एप की विशेषता यह है कि शिकायतकर्ता जियो-टैग्ड फोटो अपलोड कर सकता है तथा शिकायत की स्थिति और निस्तारण की प्रगति भी ऑनलाइन देख सकता है।
अवैध पार्किंग पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों की अवैध पार्किंग सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी भारी वाहन केवल निर्धारित ले-बाय, पार्किंग स्थल या वे-साइड एमेनिटी क्षेत्र में ही खड़ा किया जाए। सड़क किनारे या हाईवे पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन पर जोर
जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्थान के फालोदी सड़क दुर्घटना मामले में उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों को गंभीर चिंता का विषय माना था। इसी के अनुपालन में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन किया गया है ताकि सड़क सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
24 घंटे निगरानी और गश्त की व्यवस्था
प्रशासन ने हाईवे पर नियमित निरीक्षण और चौबीसों घंटे गश्त व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया है।
विशेष रूप से निम्न स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी—
- दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट
- टोल प्लाजा
- इंटरचेंज
- सर्विस रोड
- प्रमुख जंक्शन
गश्ती दल सड़क किनारे खड़े खराब वाहन, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सुरक्षा अवसंरचना और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
आपातकालीन सेवाओं को किया जाएगा और अधिक प्रभावी
बैठक में यह भी तय किया गया कि किसी भी सड़क दुर्घटना या आपात स्थिति में एम्बुलेंस और राहत सेवाओं को तत्काल सक्रिय किया जाएगा स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन विभाग और एनएचएआई के बीच समन्वय बढ़ाकर दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है।
कानपुर में राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित, अतिक्रमण मुक्त और दुर्घटना रहित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। ड्रोन सर्वे से चिन्हित 152 अतिक्रमणों पर कार्रवाई, अवैध पार्किंग पर सख्ती और 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इन उपायों का प्रभाव हाईवे पर यातायात व्यवस्था और दुर्घटना नियंत्रण में देखने को मिल सकता है।



