कानपुर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कानपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 1.27 करोड़ रुपये की संगठित साइबर ठगी के मामले में मुख्य मास्टरमाइंड मेराज अंसारी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण तथा डिजिटल ट्रेल के आधार पर की जा रही थी।
कैसे हुई थी करोड़ों की साइबर ठगी?
साइबर क्राइम थाना कानपुर में दर्ज मोकम सिंह की शिकायत के अनुसार पीड़ित के मोबाइल पर PM किसान योजना, आरटीओ चालान और आधार अपडेट के नाम पर फर्जी APK फाइलें और लिंक भेजे गए थे। लिंक पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और SIM Swap तकनीक के जरिए ऑनलाइन बैंकिंग सक्रिय कर विभिन्न खातों से कुल 1.27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली। जांच के दौरान आरोपी मेराज अंसारी का नाम सामने आया। इसके बाद साइबर क्राइम थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम महाराष्ट्र रवाना हुई। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को विरार वेस्ट, मुंबई के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और GST दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों में फर्जी खाते खुलवाए। इन्हीं खातों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि जमा की जाती थी। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि कानपुर के एक ट्रांसपोर्टर से ठगी गई रकम को फर्जी खातों में ट्रांसफर कराया गया और उसी धनराशि से नोएडा स्थित MMTC-PAMP से लगभग 54 लाख रुपये का सोना खरीदा गया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी KYC दस्तावेज बनाकर बैंक खाते खुलवाते थे, SIM Swap के जरिए ऑनलाइन बैंकिंग सक्रिय करते थे और फिर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजकर मनी लॉन्ड्रिंग करते थे। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सतीश चंद्र यादव प्रभारी साइबर क्राइम, पुनीत तोमर, शरीफ खान, सौरभ पाण्डेय, नितिन चौधरी सहित महाराष्ट्र पुलिस के लोग रहें।
आम जनता के लिए पुलिस की अपील
कानपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल या संदिग्ध संदेश को डाउनलोड न करें। मोबाइल नेटवर्क अचानक बंद होने या सिम से जुड़ी किसी असामान्य गतिविधि की स्थिति में तुरंत सेवा प्रदाता से संपर्क करें। साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिली है। साथ ही यह मामला लोगों के लिए भी चेतावनी है कि फर्जी लिंक और मोबाइल एप के जरिए होने वाली साइबर ठगी से सावधान रहें।



