- अधिकारियों-कर्मचारियों ने खुद चलाया फायर एक्सटिंग्विशर; आग लगने पर त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और अग्निशमन उपकरणों के सही इस्तेमाल का लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
भारत 19
इटावा। आग लगने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट जिंदगी बचाने के लिए बेहद अहम होते हैं। ऐसे वक्त घबराहट के बजाय सूझबूझ, त्वरित प्रतिक्रिया और सही प्रशिक्षण बड़ा अंतर पैदा कर सकता है। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फायर सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। खास बात यह रही कि प्रशिक्षण केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रतिभागियों ने खुद फायर एक्सटिंग्विशर चलाकर आग बुझाने का अभ्यास किया। कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी आकस्मिक आग की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यावहारिक रूप से तैयार करना रहा।
कुलपति बोले- आग के वक्त घबराहट नहीं, समझदारी जरूरी
कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने कहा कि मरीजों, तीमारदारों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। आपात स्थिति से निपटने के लिए केवल फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनका सही और सुरक्षित इस्तेमाल करना भी आना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से कर्मचारियों को वास्तविक आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा सकता है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यस्थल पर अग्नि सुरक्षा नियमों का गंभीरता से पालन करने को कहा गया। कुलपति ने फायर एक्सटिंग्विशर की उपलब्धता और उसकी स्थिति के साथ-साथ आपातकालीन निकास मार्गों की जानकारी सभी कर्मचारियों को होने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आग लगने की स्थिति में शांत और संयमित रहते हुए प्रशिक्षित तरीके से कार्रवाई करने से बड़े हादसे को टाला जा सकता है।
खुद हाथ में थामा फायर एक्सटिंग्विशर, बुझाई आग
मॉक ड्रिल के दौरान प्रतिभागियों को आग के विभिन्न प्रकार और उनके अनुरूप फायर एक्सटिंग्विशर के चयन की जानकारी दी गई। इसके बाद अग्निशमन यंत्र के संचालन की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को फायर एक्सटिंग्विशर उठाने, सेफ्टी पिन निकालने, नोजल को आग की सही दिशा में रखने और नियंत्रित तरीके से आग बुझाने का अभ्यास कराया गया। विभिन्न विभागों और संवर्गों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की और खुद फायर एक्सटिंग्विशर चलाकर आग बुझाने की प्रक्रिया को समझा।
आग लगने पर इन बातों का रखना होगा ध्यान
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आग लगने पर सबसे पहले तत्काल सूचना देना और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना जरूरी है। इसके साथ निर्धारित आपातकालीन निकास मार्गों का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया। कर्मचारियों को यह भी समझाया गया कि आपात स्थिति में जल्दबाजी और घबराहट के बजाय प्रशिक्षित तरीके से कदम उठाना जरूरी है। मॉक ड्रिल के जरिए उन्हें अपनी भूमिका और सामूहिक जिम्मेदारी का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
सिर्फ उपकरण नहीं, नियमित अभ्यास भी जरूरी
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल केवल अग्निशमन उपकरण चलाने का अभ्यास नहीं है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित निर्णय, सामूहिक समन्वय और सुरक्षित निकासी के लिए कर्मचारियों को तैयार करना भी है। नियमित अभ्यास से कर्मचारियों में आपात परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ता है और वास्तविक घटना के समय बेहतर प्रतिक्रिया संभव होती है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया।
‘सुरक्षा पहले’ की सोच को मजबूत करने की पहल
UPUMS सैफई की ओर से आयोजित यह फायर सेफ्टी प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की ‘सुरक्षा पहले’ की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के साथ हर अधिकारी और कर्मचारी को किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में सजग, जिम्मेदार और प्रशिक्षित बनाना है।


