- उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए, राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम से मौके पर जांच और पीड़ितों को समयबद्ध राहत देने को कहा
भारत 19
लखनऊ। जमीनों पर अवैध कब्जे और उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और शिकायतों का स्थलीय जांच के बाद नियमानुसार प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सोमवार को 7-कालिदास मार्ग स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं उप मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व, अवैध कब्जे, पुलिस कार्रवाई, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
जमीन के मामलों में मौके पर पहुंचेगी संयुक्त टीम
भूमि संबंधी अधिकांश शिकायतों पर मौर्य ने संबंधित जिलाधिकारियों को राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई से मामले का निस्तारण न किया जाए, बल्कि स्थलीय जांच के आधार पर सार्थक और स्थायी समाधान कराया जाए। अवैध कब्जे और उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नियमानुसार प्रभावी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। हालिया जनता दर्शन में भी उन्होंने अवैध कब्जे और दबंगई के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां जरूरत हो, अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थिति की जांच करें और पीड़ित को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।
महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता
जनता दर्शन में महिलाओं, दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और युवाओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं। मौर्य ने कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता दर्शन आम लोगों से सीधे संवाद का माध्यम है। इससे जमीनी स्तर की समस्याएं सामने आती हैं और संबंधित अधिकारियों को सीधे कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं।
पीड़ित को राहत, पात्रों को योजनाओं का लाभ
मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का समाधान इस तरह हो कि पीड़ित व्यक्ति को दोबारा अपनी समस्या लेकर भटकना न पड़े। साथ ही पात्र लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर मिले। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाना और जनहित को सर्वोपरि रखना सरकार की प्राथमिकता है।


