देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Election Commission of India ने जून-जुलाई में खाली होने वाली राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र और तमिलनाडु की दो सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की भी घोषणा की गई है। चुनावी शेड्यूल सामने आते ही राजनीतिक दलों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
आयोग के अनुसार, जिन सांसदों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच समाप्त हो रहा है, उनकी सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। इन सीटों के लिए 1 जून को अधिसूचना जारी होगी, जबकि 8 जून तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 जून को मतदान कराया जाएगा। खास बात यह है कि वोटिंग के दिन ही परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
इस बार चुनाव 10 राज्यों में होने जा रहे हैं, जिनमें कई बड़े और राजनीतिक रूप से अहम राज्य शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में चार-चार सीटों पर मुकाबला होगा। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों पर चुनाव होंगे। झारखंड में दो सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जबकि मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट के लिए चुनाव होगा। इन चुनावों पर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि राज्यसभा का गणित आने वाले समय की राजनीति तय कर सकता है।
इसके अलावा दो सीटों पर उपचुनाव भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। महाराष्ट्र में Sunetra Pawar के इस्तीफे के बाद सीट खाली हुई है। विधायक बनने के बाद उन्होंने राज्यसभा सदस्यता छोड़ दी थी। उनका कार्यकाल जुलाई 2028 तक था। वहीं तमिलनाडु में All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के नेता C. V. Shanmugam ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दिया, जिसके चलते वहां भी उपचुनाव कराया जाएगा।
राज्यसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही सियासी गलियारों में जोड़-तोड़ और समीकरणों का दौर शुरू हो गया है। कई राज्यों में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि इन चुनावों के नतीजे संसद के ऊपरी सदन में दलों की ताकत को सीधे प्रभावित करेंगे।



