- सरकारी जमीन पर कॉम्प्लेक्स बनाकर लीज पर दुकानें देने की योजना, मालिक और किरायेदार दोनों होंगे शामिल; छह महीने में आवंटन प्रक्रिया शुरू करने का दावा
भारत 19
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों के पुनर्वास की तैयारी शुरू हो गई है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों के अनुसार प्रदेश सरकार नई पुनर्वास नीति लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत सरकारी जमीन पर कॉम्प्लेक्स बनाकर प्रभावित व्यापारियों को लीज पर दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना में दुकान मालिकों के साथ किरायेदारों को भी शामिल करने की बात कही गई है। राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के अनुसार दुकानों के लिए आवास विकास क्षेत्र और नगर निगम के छह भूखंड चिह्नित किए गए हैं, जहां करीब 640 दुकानें बनाई जा सकती हैं। व्यापारियों से बड़ी रकम जमा कराने के बजाय नाममात्र का किराया लेने की बात कही गई है। जनप्रतिनिधियों ने छह महीने के भीतर दुकान आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है।
650 व्यापारियों के लिए लीज पर दुकानें देने की योजना
सरकार की प्रस्तावित पुनर्वास व्यवस्था में करीब 650 प्रभावित व्यापारी शामिल बताए गए हैं। इनमें मूल दुकान मालिक और किरायेदार दोनों को जगह देने की योजना है। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक प्रभावित व्यापारियों को लीज पर दुकानें दी जाएंगी और उनसे केवल नाममात्र का किराया लिया जाएगा। योजना में यह भी कहा गया है कि जिस व्यापारी की पुरानी दुकान जितनी बड़ी थी, उसके आसपास उसी आकार की दुकान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि अंतिम पात्रता, लीज की शर्तें और आवंटन की विस्तृत प्रक्रिया पुनर्वास नीति के औपचारिक रूप से सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
छह जगहों पर करीब 640 दुकानें बनाने का प्रस्ताव
प्रस्ताव के मुताबिक व्यापारियों के पुनर्वास के लिए आवास विकास परिषद और नगर निगम की जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। छह स्थानों पर कुल करीब 640 दुकानों की क्षमता बताई गई है। उपलब्ध प्रस्ताव में रंगोली मंडप के पास सामुदायिक भवन की जमीन पर 116 दुकानें, जागृति विहार सेक्टर-7 में 108 दुकानें, हापुड़ रोड पर 80 दुकानें, नई सड़क स्थित नगर निगम परिसर में 72 दुकानें, सूरजकुंड रोड स्थित महापौर शिविर कार्यालय परिसर में 224 दुकानें, सूरजकुंड रोड का एक अन्य भूखंड पर 40 दुकानें बनने की बात कही गई है। ये संख्या चिह्नित किए गए करीब 650 व्यापारियों से थोड़ी कम है, इसलिए अंतिम आवंटन व्यवस्था और पात्र व्यापारियों की संख्या नीति में स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
छह महीने में शुरू होगी दुकान आवंटन प्रक्रिया
राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा है कि छह महीने के भीतर दुकानों के आवंटन पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। भवन निर्माण पूरा होने के साथ आवंटन आगे बढ़ाने की बात भी कही गई है। गुरुवार को प्रस्तावित स्थानों का निरीक्षण भी किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कम्युनिटी सेंटर, रंगोली के पास की जगह और जागृति विहार सेक्टर-8 गोल मार्केट समेत प्रस्तावित स्थलों का जायजा लिया।
पुनर्वास नीति का पूरा प्रारूप अभी सामने नहीं
पुनर्वास की घोषणा के बावजूद नीति की पूरी शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं। भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी के मुताबिक शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण फिलहाल नीति का पूरा विवरण सामने नहीं रखा जा रहा है। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्येक व्यापारी को दुकान किस आधार पर मिलेगी, लीज कितने वर्षों की होगी और दुकानों के निर्माण व आवंटन की पूरी प्रक्रिया क्या होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ ध्वस्तीकरण
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में हुई। सितंबर में प्रशासन और आवास विकास परिषद की कार्रवाई के दौरान बाजार के प्रभावित हिस्सों को हटाया गया था। इसके बाद प्रभावित व्यापारियों के सामने कारोबार दोबारा शुरू करने का संकट खड़ा हुआ। पुनर्वास की मांग को लेकर व्यापारी लगातार वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे थे। अब सरकार की ओर से प्रस्तावित नीति के जरिए उन्हें दुकान उपलब्ध कराने की योजना सामने आई है।
शहर के अन्य हिस्सों का भी होगा दोबारा सर्वे
पुनर्वास योजना के साथ मेरठ शहर में निर्माण और भू-उपयोग की स्थिति को लेकर दोबारा सर्वे कराने की बात भी सामने आई है। राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के अनुसार दिसंबर से पहले शहर के सभी जोन का री-सर्वे कराया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक सर्वे के बाद नई रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रक्रिया सेंट्रल मार्केट प्रकरण से आगे शहर के दूसरे इलाकों में निर्माण और भू-उपयोग से जुड़े मामलों को भी प्रभावित कर सकती है।
व्यापारियों को अब नीति के अंतिम प्रारूप का इंतजार
फिलहाल सेंट्रल मार्केट के प्रभावित व्यापारियों के सामने सरकार की ओर से पुनर्वास का प्रस्ताव है। करीब 650 व्यापारियों के लिए छह स्थानों पर लगभग 640 दुकानों की योजना, कम किराये पर लीज और मालिक-किरायेदार दोनों को शामिल करने की बात सामने आई है। अब व्यापारियों की नजर पुनर्वास नीति के अंतिम प्रारूप, पात्रता, लीज की शर्तों और दुकान आवंटन की प्रक्रिया पर है। छह महीने में आवंटन प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया गया है, लेकिन वास्तविक समयसीमा निर्माण और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।

