- पुराने वाहनों पर कार्रवाई के विरोध में भाकियू ने ARTO कार्यालय घेरा, अधिकारी को धरने पर बैठाया; राजेंद्र चौधरी का कथित धमकी वाला वीडियो वायरल, एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित
भारत 19
बागपत में एनसीआर में अवधि पूरी कर चुके पुराने वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई पर विवाद बढ़ गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) समेत कई किसान संगठनों ने एआरटीओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इसी दौरान भाकियू नेता और नरेश टिकैत के भांजे राजेंद्र चौधरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एआरटीओ विपिन कुमार को पुराने वाहन पकड़े जाने पर जूतों से पीटने की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। प्रदर्शनकारियों ने पुराने वाहनों की जब्ती पर रोक लगाने, पहले नोटिस देने और वाहन मालिकों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए समय देने की मांग की। वहीं परिवहन विभाग का कहना है कि कार्रवाई नियमों और संबंधित न्यायिक आदेशों के तहत की जा रही है।
पुराने वाहनों की कार्रवाई के विरोध में एआरटीओ कार्यालय घेरा
बागपत में परिवहन विभाग की टीम अवधि पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ अभियान चला रही है। विभाग के मुताबिक 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 400 से अधिक वाहनों को जब्त कर स्क्रैप सेंटर भेजा जा चुका है। इसी कार्रवाई के विरोध में भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ता एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए धरना दिया और अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की मांग की।
एआरटीओ को धरना स्थल पर बैठाने से बढ़ा विवाद
प्रदर्शन के दौरान एआरटीओ विपिन कुमार और पीटीओ संदीप जायसवाल को धरना स्थल पर बुलाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक अधिकारियों के वाहनों के आगे ट्रॉली खड़ी कर दी गई थी। एआरटीओ कार्यालय से अधिकारियों को धरना स्थल पर लाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में दोनों अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। किसान नेताओं ने अधिकारियों से पुराने वाहनों पर चल रही कार्रवाई रोकने और पहले वाहन मालिकों को पर्याप्त समय देने की मांग रखी।
वायरल वीडियो में राजेंद्र चौधरी ने दी चेतावनी
धरने के दौरान सामने आए वीडियो में राजेंद्र चौधरी एआरटीओ से पुराने वाहनों की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कार्रवाई जारी रहने पर “जूते पड़ेंगे” जैसी चेतावनी दी। वीडियो में वह एआरटीओ के कंधे पर हाथ रखकर बात करते भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कही गई बातों को लेकर विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में विवरण प्रकाशित हुआ है। वायरल वीडियो के संदर्भ और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
भाकियू की मांग- कार्रवाई से पहले मिले समय
भाकियू नेताओं ने कहा कि पुराने वाहनों के मालिकों को अचानक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए। उनकी मांग है कि जिन वाहनों पर नियमों के तहत कार्रवाई होनी है, उनके मालिकों को पहले नोटिस दिया जाए और उन्हें वाहन बेचने या वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए समय मिले। राजेंद्र चौधरी ने भी प्रदर्शन के दौरान जब्त वाहनों को वापस करने और वाहन मालिकों को कुछ दिन का समय देने की मांग रखी। किसान नेताओं ने कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए।
परिवहन विभाग बोला- नियमों के तहत हो रही कार्रवाई
दूसरी ओर परिवहन विभाग का कहना है कि अवधि पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ कार्रवाई एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े निर्देशों के तहत की जा रही है। एआरटीओ के मुताबिक विभाग उच्चाधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराएगा और उनके निर्देशों का पालन किया जाएगा। एनसीआर में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को लेकर लंबे समय से न्यायिक और पर्यावरणीय प्रतिबंध लागू रहे हैं। हालांकि हाल के न्यायिक आदेशों में कुछ वाहनों के संबंध में कार्रवाई की शर्तों को लेकर अलग निर्देश भी दिए गए हैं। इसलिए किसी वाहन पर कार्रवाई का आधार उसके ईंधन, आयु और लागू आदेशों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
400 से ज्यादा वाहनों पर कार्रवाई का दावा
परिवहन विभाग से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक बागपत में अब तक 400 से अधिक पुराने वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जिले में करीब 40 हजार ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की बात भी किसान संगठनों और मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। इस अभियान में पहले भी घरों, गलियों और दुकानों के बाहर खड़े पुराने वाहनों को जब्त किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई थी। कुछ लोगों ने बिना पर्याप्त सूचना के कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया था।
वार्ता के बाद एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित
विवाद के बीच किसान संगठनों और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। भाकियू की ओर से बताया गया कि वार्ता के बाद धरना एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। संगठन ने कहा कि इस दौरान मामले को उच्चाधिकारियों के सामने रखा जाएगा। हालांकि एआरटीओ की ओर से कार्रवाई पूरी तरह रोकने की बात नहीं कही गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और उनके निर्देश के अनुसार आगे कार्रवाई होगी।
पुराने वाहनों की कार्रवाई पर टकराव बढ़ा
बागपत में पुराने वाहनों को लेकर विवाद अब दो स्तरों पर सामने आ रहा है। एक ओर परिवहन विभाग न्यायिक और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की बात कर रहा है, दूसरी ओर किसान संगठन कार्रवाई के तरीके, नोटिस और वाहन मालिकों को समय देने की मांग उठा रहे हैं। इसी बीच राजेंद्र चौधरी के कथित धमकी वाले वायरल वीडियो ने विवाद को नया तूल दिया है। फिलहाल धरना एक सप्ताह के लिए स्थगित है, लेकिन पुराने वाहनों पर कार्रवाई और उसके तरीके को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद कायम हैं।
