- बुढ़वा मंगल पर लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर चर्चा में, हनुमान जी के सामने हाथ जोड़कर बैठे दिखे अखिलेश और ‘विजय भव: 2027’ लिखा है मानो रामभक्त बजरंगी उनको आशीर्वाद दे रहे हों, पोस्टर में मुलायम सिंह और डिंपल की तस्वीरें भी हैं
भारत 19
लखनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश दौरे के वक्त कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बाबर के अनुयायियों से बजरंगी के भक्त ही जवाब दे सकते हैं उसके दूसरे दिन ही बुढ़वा मंगल के दिन लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर लगा एक पोस्टर चर्चा में है। पोस्टर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भगवान हनुमान के सामने हाथ जोड़कर बैठे दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में ‘विजय भव: 2027’ लिखा है। पोस्टर में अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव तथा डिंपल यादव की तस्वीरें भी हैं। बुढ़वा मंगल के दिन हनुमान जी की तस्वीर के साथ 2027 में विजय की कामना वाला संदेश सामने आने से पोस्टर ने राजनीतिक हलकों में ध्यान खींचा है।
पोस्टर की टाइमिंग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज बुढ़वा मंगल है, जो भगवान हनुमान की आराधना से जुड़ा अवसर है। पोस्टर में अखिलेश यादव को हनुमान जी के सामने हाथ जोड़े दिखाया गया है और ऊपर ‘विजय भव: 2027’ का संदेश दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की आधिकारिक पहचान स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से जारी आधिकारिक चुनावी संदेश के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
पहले भी दिखा था अखिलेश-हनुमान कनेक्शन
लखनऊ में अखिलेश यादव और भगवान हनुमान को साथ दिखाने वाला पोस्टर इससे पहले भी चर्चा में आ चुका है। अगस्त में सपा कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर में अखिलेश यादव के साथ बजरंगबली की तस्वीर लगाई गई थी। उस पर ‘एक ही पथ, एक ही मंच, बजरंगबली अखिलेश के संग’ लिखा था। इस पोस्टर को लेकर भाजपा और सपा नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी भी हुई थी। यानी सपा अध्यक्ष की तस्वीर के साथ हनुमान को जोड़ने वाला पोस्टर राजनीतिक विमर्श में पहले भी सामने आ चुका है।
2027 से पहले लखनऊ में पोस्टर वार तेज
नए पोस्टर से पहले अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को निशाना बनाने वाले पोस्टर भी लखनऊ समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में सामने आए थे। इनमें आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरों के साथ सपा और अखिलेश यादव के खिलाफ संदेश दिए गए थे। इसके जवाबी राजनीतिक संदेश के तौर पर सामने आए ‘विजय भव: 2027’ वाले पोस्टर ने चुनाव से पहले चल रहे पोस्टर वार को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, दोनों तरह के पोस्टरों के पीछे किस व्यक्ति या संगठन की भूमिका है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग स्तर पर होना बाकी है।
युवाओं को साधने की कोशिशों के बीच नया संदेश
सपा कार्यालय के आसपास हाल के दिनों में युवाओं को केंद्र में रखकर भी पोस्टर अभियान दिखाई दिया है। एक पोस्टर के जरिए युवाओं से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सुरक्षा, महंगाई और स्टार्टअप जैसे मुद्दों पर 2027 के लिए सुझाव मांगे गए थे। ऐसे में ‘विजय भव: 2027’ वाला पोस्टर सपा से जुड़े इलाके में सामने आने वाला एक और राजनीतिक संदेश है। इसके जरिए सीधे चुनावी मुद्दे की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन 2027 का स्पष्ट उल्लेख इसे आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ से जोड़ता है।
पोस्टर में धार्मिक प्रतीक और चुनावी साल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी पोस्टरों के जरिए धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रतीकों का इस्तेमाल नया नहीं है। इस पोस्टर में हनुमान जी की तस्वीर, अखिलेश यादव की प्रार्थना मुद्रा और ‘विजय भव: 2027’ का संदेश एक साथ दिखाई देता है। फिलहाल पोस्टर का सबसे स्पष्ट संदेश 2027 में विजय की कामना है। इसे किसने तैयार कराया और इसके पीछे कोई अधिकृत राजनीतिक रणनीति है या नहीं, यह आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
