- मिर्जा गालिब स्ट्रीट के होटल में तड़के करीब 1:45 बजे भड़की आग; दमकल की पांच गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, धुएं से ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को निकालने में आई मुश्किल; आग की वजह की जांच जारी
भारत 19
कोलकाता। मध्य कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में बुधवार तड़के एक होटल में लगी भीषण आग ने नौ लोगों की जान ले ली। हादसा मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल में करीब 1:45 से 2 बजे के बीच हुआ। आग और घने धुएं की चपेट में आने से छह अन्य लोग घायल हुए हैं। दमकल की पांच गाड़ियों, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। आग पर काबू पा लिया गया है और घायलों को अस्पताल भेजा गया है।
मृतकों में छह पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। मृतकों में बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं, जो इलाज के लिए कोलकाता आए थे। मृतकों की पहचान और नागरिकता के संबंध में अंतिम आधिकारिक विवरण संबंधित एजेंसियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा। राहत और बचाव दल ने होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक आग के दौरान ऊपरी मंजिलों पर धुआं भरने से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। होटल में आग लगने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। शुरुआती स्तर पर अलग-अलग संभावनाओं की चर्चा है, लेकिन किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग आग के स्रोत और परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। इसलिए फिलहाल शॉर्ट सर्किट, एसी या किसी अन्य कारण को आग की वजह बताना जल्दबाजी होगी।
फायर सेफ्टी पर फिर उठे सवाल
हादसे ने एक बार फिर होटल और गेस्ट हाउस जैसी व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस तरह के हादसों में आग के साथ-साथ घना धुआं भी जानलेवा साबित होता है। कोलकाता की घटना में भी ऊपरी मंजिलों तक धुआं पहुंचने से लोगों को बाहर निकालने में परेशानी हुई। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि होटल में अग्निशमन मानकों का पालन हो रहा था या नहीं, फायर अलार्म और आपातकालीन निकास की व्यवस्था कैसी थी तथा होटल के पास आवश्यक सुरक्षा मंजूरियां थीं या नहीं।
इसी सप्ताह बंगाल में दूसरा बड़ा होटल अग्निकांड
कोलकाता की घटना से महज दो दिन पहले 17 अगस्त को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में एक होटल में भीषण आग लगी थी। उस घटना में भी कई लोगों की मौत हुई। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या सात से नौ के बीच अलग-अलग बताई गई, जबकि बाद की रिपोर्टों में नौ मौतों की जानकारी सामने आई। मृतकों में तीर्थयात्री भी शामिल थे। आग की वजह की जांच जारी है। लगातार दो बड़े होटल अग्निकांडों ने पश्चिम बंगाल में होटल और तीर्थस्थल क्षेत्रों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली के होटल आग में 21 लोगों की गई थी जान
इस साल देश का एक और बड़ा होटल अग्निकांड 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर में हुआ था। फ्लोरिश इन स्टे होटल में लगी आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की थी। पुलिस ने मामले में आपराधिक जांच शुरू की थी और आग के बाद दिल्ली सरकार ने फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर कार्रवाई तेज करने की घोषणा की थी।


