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कोलकाता होटल अग्निकांड में नौ मौतें, सुरक्षा पर सवाल

मिर्जा गालिब स्ट्रीट की पांच मंजिला इमारत में धुआं बना काल, 80 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; मृतकों में बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल

भारत 19

कोलकाता। मध्य कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके की मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर बुधवार तड़के होटल वाली पांच मंजिला इमारत में लगी आग ने नौ लोगों की जान ले ली। छह लोग घायल हुए हैं। आग करीब 1:45 से 2 बजे के बीच लगी। दमकल की पांच गाड़ियों और आपदा प्रबंधन टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में दो महिलाओं और चार साल के बच्चे समेत नौ लोगों की मौत हुई है। मृतकों में पांच बांग्लादेशी नागरिक हैं, जबकि अन्य मृतकों की शिनाख्त कराई जा रही है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी अपने नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।

धुएं ने रोका रास्ता, दम घुटने से मौतों की शुरुआती पुष्टि

इस हादसे का सबसे भयावह पहलू आग से ज्यादा घना धुआं रहा। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि कई लोगों की मौत जलने के बजाय दम घुटने से हुई। पांच मंजिला इमारत में धुआं तेजी से फैलने और संकरे रास्तों के कारण ऊपर के कमरों में फंसे लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक इमारत में कई कमरों में खिड़कियां नहीं थीं, जिससे बाहर निकलने का विकल्प सीमित हो गया। एक दंपती को खिड़की के रास्ते बचाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बचाव अभियान के दौरान पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन टीमों ने इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला। पश्चिम बंगाल के मंत्री कौशिक चौधरी के मुताबिक दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से करीब 80 लोगों की जान बचाई जा सकी। आग पर काबू पाने के बाद भी राहत दल ने इमारत की तलाशी ली।

आग का कारण अभी जांच के घेरे में

आग किस वजह से लगी, इसकी अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन इसे अभी अंतिम कारण नहीं माना गया है। पुलिस और अग्निशमन विभाग घटना के स्रोत तथा इमारत में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच कर रहे हैं। इसलिए फिलहाल एसी, वायरिंग या किसी खास उपकरण को आग का कारण बताना जल्दबाजी होगी। इमारत में फायर अलार्म, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन और अग्निशमन उपकरणों की स्थिति क्या थी, ये अब  जांच का विषय हैं। शुरुआती रिपोर्टों में संकरी निकासी और खराब वेंटिलेशन को बचाव में बाधा बनने वाला बताया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के होटल और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच की दिशा में कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

तारापीठ के बाद दो दिन में दूसरा बड़ा हादसा

कोलकाता अग्निकांड से महज दो दिन पहले 17 अगस्त को बीरभूम के तारापीठ में भी होटल में आग लगी थी, जिसमें बाद की रिपोर्टों में नौ लोगों की मौत की जानकारी सामने आई। मृतकों में मेघालय के एक परिवार के पांच सदस्य और पश्चिम बंगाल के चार लोग शामिल बताए गए हैं। तारापीठ हादसे में भी आग की वजह को लेकर शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई थी। वहां होटल प्रबंधन की भूमिका और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच हुई है।

लगातार हादसों ने होटल सुरक्षा पर बढ़ाया दबाव

दो दिनों के भीतर पश्चिम बंगाल में होटल से जुड़े दो बड़े अग्निकांडों ने होटल, गेस्ट हाउस और पुरानी व्यावसायिक इमारतों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता में इससे पहले भी बड़े अग्निकांड सामने आते रहे हैं। ऐसे में ताजा हादसा केवल एक होटल की सुरक्षा तक सीमित मामला नहीं रह गया है। शहर में होटल और गेस्ट हाउस की फायर ऑडिट, आपातकालीन निकास और भवन सुरक्षा मानकों की वास्तविक जांच अब बड़ा मुद्दा बन गई है।

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