- बारिश में प्रभावित हिस्से की मरम्मत का परियोजना प्रबंधन ने किया दावा; संवेदनशील हिस्सों पर 24 घंटे निगरानी, यातायात बाधित किए बिना काम कराने की बात
भारत 19
कानपुर/ पहली बारिश में गंगा एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों के प्रभावित होने के बाद अब परियोजना प्रबंधन ने उन्हें दुरुस्त करने का दावा किया है। बारिश के दौरान सड़क के हिस्सों में आई समस्या को लेकर सवाल उठने के बाद प्रोजेक्ट मैनेजर आरके मिश्रा ने कहा कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत करा दी गई है और एक्सप्रेस वे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य है।
प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे के संवेदनशील हिस्सों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जहां भी सड़क के किसी हिस्से में समस्या सामने आती है, वहां तत्काल टीम भेजकर मरम्मत कराई जा रही है। बारिश के मद्देनजर निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित हिस्से की मरम्मत का दावा
प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में समस्या सामने आने के बाद संबंधित टीमों को मौके पर भेजा गया। जरूरी मरम्मत के बाद अब उस हिस्से को ठीक कर दिया गया है। उनके मुताबिक एक्सप्रेसवे पर यातायात को बाधित किए बिना मरम्मत का काम कराया गया, ताकि वाहनों की आवाजाही पर कम से कम असर पड़े। उनका दावा है कि फिलहाल एक्सप्रेसवे पर आवागमन ठीक है और टीमों को लगातार फील्ड में सक्रिय रखा गया है।
संवेदनशील हिस्सों पर बढ़ी निगरानी
बारिश को देखते हुए एक्सप्रेसवे के उन हिस्सों की विशेष निगरानी की जा रही है जहां सड़क की सतह या मिट्टी के प्रभावित होने की आशंका है। टीमों को किसी भी तरह की समस्या सामने आते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने के निर्देश दिए गए हैं। आरके मिश्रा ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए निगरानी टीमों को सक्रिय रखा गया है और जरूरत के मुताबिक तत्काल मरम्मत कराई जा रही है।
पहली बरसात में मिट्टी बैठने की वजह
आरके मिश्रा के मुताबिक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद पहली बरसात में कहीं-कहीं समस्या सामने आ सकती है। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में बड़े पैमाने पर मिट्टी की भराई की जाती है। बारिश के दौरान मिट्टी के बैठने से कुछ स्थानों पर सड़क के हिस्से में समस्या पैदा हो सकती है। उनके मुताबिक ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित स्थान की मरम्मत कराई जाती है। बारिश के मौजूदा दौर में भी टीमों को ऐसे संभावित स्थानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मरम्मत के साथ गुणवत्ता पर नजर
पहली बारिश में सड़क के हिस्से प्रभावित होने के बाद अब परियोजना प्रबंधन के सामने मरम्मत के साथ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और मजबूती बनाए रखने की चुनौती भी है। फिलहाल विभाग की ओर से प्रभावित हिस्से को दुरुस्त किए जाने और यातायात सामान्य होने का दावा किया गया है। आरके मिश्रा के मुताबिक पूरी टीम लगातार फील्ड में सक्रिय है और बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। हालांकि, आने वाले बारिश के दौर में एक्सप्रेसवे के ये हिस्से कितने टिकाऊ साबित होते हैं, यह परियोजना प्रबंधन के मौजूदा दावे की अगली वास्तविक परीक्षा होगी।

