दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और विभिन्न भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस बीच विदेश मंत्रालय ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के अमेरिका से डिपोर्ट होने संबंधी सवाल पर कहा कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
नई दिल्ली/ जंतर-मंतर पर शनिवार को ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना पहला बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग करना था। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन द्वारा जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
विदेश मंत्रालय से पूछा गया अभिजीत दीपके पर सवाल
प्रदर्शन के बीच एक नया विवाद तब सामने आया जब विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस वार्ता में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर सवाल पूछा गया। पत्रकारों ने विदेश मंत्रालय से जानना चाहा कि क्या अमेरिका ने भारत सरकार को अभिजीत दीपके के कथित डिपोर्टेशन या पासपोर्ट के दुरुपयोग से जुड़े किसी मामले की जानकारी दी है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके पास इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अभिजीत दीपके के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उनके पास कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। मंत्रालय ने न तो किसी डिपोर्टेशन की पुष्टि की और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जानकारी साझा की। इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अभिजीत दीपके के अमेरिका से निर्वासन से जुड़ी चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन पर मंत्रालय की जानकारी
विदेश मंत्रालय ने प्रेस वार्ता के दौरान अमेरिका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 1,076 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निर्वासित किया जा चुका है। इसके अलावा मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान कुल 3,567 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया था। मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों अवैध प्रवासन के खिलाफ कार्रवाई करने तथा कानूनी प्रवासन को सुगम बनाए रखने के लिए लगातार संपर्क में हैं।
प्रदर्शन क्यों कर रही है CJP?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) स्वयं को युवाओं के नेतृत्व वाली ऑनलाइन मुहिम के रूप में प्रस्तुत करती है। संगठन का कहना है कि विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार किए जाएं और छात्रों तथा अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने की अनुमति दी गई थी और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित CJP का प्रदर्शन शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर चर्चा में रहा। वहीं CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के कथित डिपोर्टेशन को लेकर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उसके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार, प्रदर्शनकारियों और संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।



