- कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के नेतृत्व के पांच वर्ष पूरे होने पर समारोह; विद्यार्थियों के स्टार्टअप-इनोवेशन प्रोजेक्ट देखे, मेधावियों और शोधकर्ताओं का सम्मान
भारत 19
कानपुर। कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए नई शैक्षणिक और वेलनेस सुविधाओं की शुरुआत हुई है। कॉलेज में ‘दक्ष’ भवन और विद्यार्थी स्वास्थ्य एवं मानसिक कल्याण केंद्र ‘ओजस’ का उद्घाटन किया गया, जबकि एमएससी रसायन विज्ञान की छात्रा प्राची गुप्ता की विकसित ‘प्रज्ञान वर्चुअल लैब’ का ऑनलाइन शुभारंभ हुआ। ये शुरुआत छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के नेतृत्व के पांच वर्ष पूरे होने पर आयोजित सम्मान समारोह के दौरान हुईं। कुलपति ने विद्यार्थियों के स्टार्टअप और नवाचार आधारित प्रोजेक्ट भी देखे और उनसे संवाद किया।
पांच साल के नेतृत्व पर कुलपति का सम्मान
शहर के पुराने और विरासत का दर्जा प्राप्त क्राइस्ट चर्च कॉलेज में ‘ए जर्नी ऑफ एक्सीलेंस–सेलिब्रेटिंग 5 इयर्स ऑफ लीडरशिप’ नाम से समारोह आयोजित किया गया। इसमें प्रो. विनय कुमार पाठक के कुलपति के रूप में नेतृत्व के पांच वर्ष पूरे होने के साथ कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों की प्रतिभा और इस दौरान हुए विकास कार्यों को सामने रखा गया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, डॉ. वंदना पाठक और सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी का प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन, सचिव रेव. अनिल ज्ञान प्रकाश और उप-प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद ने स्वागत किया।

‘ओजस’ में विद्यार्थी स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण पर जोर
समारोह के दौरान विद्यार्थियों के लिए ‘दक्ष’ भवन का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण को केंद्र में रखकर तैयार किए गए ‘ओजस’ केंद्र की शुरुआत हुई। कुलपति ने मानसिक स्वास्थ्य और विद्यार्थी कल्याण को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बदलती शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके समग्र कल्याण पर ध्यान देना भी जरूरी है।
छात्रा प्राची ने विकसित की ‘प्रज्ञान वर्चुअल लैब’
कॉलेज की एमएससी रसायन विज्ञान की छात्रा प्राची गुप्ता की ओर से विकसित ‘प्रज्ञान वर्चुअल लैब’ का कुलपति ने ऑनलाइन शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के स्टार्टअप और इनोवेशन आधारित प्रोजेक्ट भी प्रदर्शित किए गए। कुलपति ने इन प्रोजेक्ट को देखा और विद्यार्थियों से उनके नवाचारों को लेकर बातचीत की। उन्होंने शिक्षा में तकनीक, कौशल, नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
मेधावी विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को मिला सम्मान
शैक्षणिक और खेलकूद गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। तकनीकी क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले एक विद्यार्थी सॉफ्टवेयर डेवलपर को भी सम्मान दिया गया। शोध के क्षेत्र में योगदान के लिए वाणिज्य विभाग के डॉ. पवनेश मिश्रा, विज्ञान विभाग के डॉ. आशुतोष कुमार और कला विभाग की मनीषी त्रिवेदी को सम्मानित किया गया।
पाठक बोले- भविष्य के लिए लगातार बढ़ाना होगा कौशल
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विद्यार्थियों से कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा में नवाचार, तकनीक, कौशल और शोध की भूमिका बढ़ रही है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों को लगातार अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए संस्थानों में इस दिशा में प्रयास बढ़ाने पर जोर दिया।
विरासत के साथ नई शिक्षा की ओर बढ़ता कॉलेज
समारोह में आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. सुजाता चतुर्वेदी, डा. हिमांशु दीक्षित समेत कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एक ओर कॉलेज की पुरानी शैक्षणिक विरासत और उपलब्धियों को सामने रखा गया तो दूसरी ओर वर्चुअल लैब, स्टार्टअप, नवाचार और विद्यार्थी वेलनेस जैसे नए प्रयासों को भी प्रमुखता मिली। इस तरह कुलपति के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए शुरू हुई नई सुविधाएं और तकनीक आधारित शैक्षणिक पहल भी इसका अहम हिस्सा बनीं।


