LUCKNOW/ उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती 2024 को लेकर अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने लखनऊ में आयुष राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र के आवास के बाहर प्रदर्शन कर परीक्षा तिथि और सिलेबस घोषित करने की मांग की।
लखनऊ में मंत्री आवास के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
गुरुवार को बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती 2024 के अभ्यर्थी राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित डालीबाग पहुंचे और आयुष राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र के आवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने “योगी बाबा न्याय दो” और “परीक्षा तिथि घोषित हो” जैसे नारे लगाकर सरकार से जल्द भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की। करीब 50 अभ्यर्थियों ने आवास का घेराव करते हुए अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे युवाओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी परीक्षा का इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती वर्ष 2024 में निकाली गई थी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भर्ती विवाद अदालत पहुंच गया, जिसके कारण परीक्षा प्रक्रिया लंबे समय तक रुकी रही। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लगभग दो वर्षों तक न्यायालय में मामला लंबित रहा। हाल ही में कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया, जिससे भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ। इसके बावजूद अभी तक परीक्षा तिथि और सिलेबस घोषित नहीं किए गए हैं। इसी कारण अभ्यर्थियों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से लगाई न्याय की गुहार
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी मयंक राय ने कहा कि अधिकांश उम्मीदवार सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनके परिवारों को इस भर्ती से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में और देरी हुई तो हजारों युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द परीक्षा तिथि घोषित करनी चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि न्यायालय से राहत मिलने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर देरी उचित नहीं है।
प्रदेश में 60 प्रतिशत पद खाली होने का दावा
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के लगभग 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं। सरकार की ओर से 1002 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, जबकि विभाग में कुल स्वीकृत पदों की संख्या लगभग 2100 बताई जा रही है। अभ्यर्थियों के अनुसार, वर्तमान समय में करीब 1200 पद खाली पड़े हुए हैं, जिसके कारण आयुष विभाग की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों की कमी का सीधा असर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। फार्मासिस्ट दवा वितरण, स्टॉक प्रबंधन और आयुष चिकित्सा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। बड़ी संख्या में पद खाली रहने से कई केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यही कारण है कि अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया गया। हालांकि अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था और वे केवल अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते थे।
भर्ती से जुड़ी प्रमुख मांगें
परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाए।
भर्ती का विस्तृत सिलेबस जारी किया जाए।
चयन प्रक्रिया का कैलेंडर सार्वजनिक किया जाए।
रिक्त पदों की संख्या बढ़ाई जाए।
भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती 2024 को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी युवाओं की चिंता का बड़ा कारण बन चुकी है। कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब उम्मीदवारों की निगाहें सरकार और संबंधित विभाग पर टिकी हैं। यदि जल्द परीक्षा तिथि घोषित नहीं होती है तो आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

