- फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही AI-2030 की जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग, 306 यात्रियों को उतारकर सुरक्षा जांच शुरू; अलर्ट की वजह और विमान से जुड़े संकेतों की पड़ताल में जुटीं एजेंसियां
भारत 19/ दिल्ली। फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ान AI-2030 को बुधवार सुबह सुरक्षा अलर्ट के बाद जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। विमान ने सुबह 9:35 बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान में सवार 306 यात्रियों को उतारकर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में टर्मिनल तक पहुंचाया गया। विमान को आइसोलेशन बे में खड़ा कर सुरक्षा जांच शुरू की गई। शुरुआती रिपोर्टों में हाईजैक की आशंका और बम की धमकी से जुड़ी अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं।
आइसोलेशन बे में विमान, CISF और पुलिस ने संभाला मोर्चा
जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद विमान को अलग क्षेत्र में ले जाया गया, ताकि सुरक्षा एजेंसियां निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत उसकी जांच कर सकें। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने विमान तथा यात्रियों के सामान की तलाशी शुरू की। सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हाईजैक की अफवाह या बम की धमकी, अलग-अलग दावे
सुरक्षा अलर्ट की वजह को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में एकरूपता नहीं है। कुछ रिपोर्टों में संभावित हाईजैक की सूचना का जिक्र है, जबकि अन्य में बम की धमकी की बात कही गई है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में एक एयरपोर्ट अधिकारी के हवाले से इसे हाईजैक की अफवाह बताया गया है, हालांकि अधिकारी ने यह भी कहा कि मामले में जांच जारी है और तत्काल आधिकारिक निष्कर्ष देना जल्दबाजी होगी। ऐसे में अलर्ट की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
स्क्वॉक 7500 कोड की सूचना की भी पड़ताल
कुछ मीडिया रिपोर्टों में विमान से स्क्वॉक 7500 कोड प्रसारित होने का उल्लेख किया गया है। विमानन क्षेत्र में यह कोड हाईजैक या विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप जैसी स्थिति का संकेत देता है। हालांकि, इस मामले में कोड के इस्तेमाल की परिस्थितियों और अलर्ट के स्रोत को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। जांच में स्पष्ट होना बाकी है कि संकेत किस परिस्थिति में भेजा गया और उसका सुरक्षा अलर्ट से क्या संबंध था।
जांच के बाद आगे की उड़ान पर फैसला
विमान की जांच और सुरक्षा एजेंसियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की उड़ान तथा यात्रियों की यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य अलर्ट की विश्वसनीयता, उसके स्रोत और विमान से जुड़े सुरक्षा संकेतों की परिस्थितियों का पता लगाना है। एयरपोर्ट अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


