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पशुधन भर्ती घोटाले में रिटायर्ड IAS योगेश कुमार गिरफ्तार

  • 2014 में 1198 पदों पर हुई भर्ती की जांच में EOW की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ के गोमती नगर से पकड़े गए तत्कालीन प्रमुख सचिव; तत्कालीन पशुधन मंत्री राजकिशोर सिंह की अभियोजन स्वीकृति शासन में लंबित

भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 12 साल पुराने पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने तत्कालीन प्रमुख सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को लखनऊ के गोमती नगर से गिरफ्तार किया है। वर्ष 2014 में 1198 पदों पर हुई इस भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और राजकिशोर सिंह पशुधन मंत्री थे।

17 मंडलों में 1198 पदों पर हुई थी भर्ती

पशुधन प्रसार अधिकारी के 1198 पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2014 में प्रक्रिया पूरी की गई थी। दो फरवरी 2014 को आयोजित परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। प्रदेश के 17 मंडलों में की गई इस भर्ती में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिकायतें सामने आईं। जांच के दायरे में चयन प्रक्रिया के नियमों, परीक्षा की ओएमआर शीट के मूल्यांकन और चयन समितियों की भूमिका जैसे अहम बिंदु आए।

ओएमआर शीट के मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान आरोप लगे कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। ओएमआर शीट के मूल्यांकन की व्यवस्था और मंडलीय चयन समितियों के अधिकारों में बदलाव को लेकर भी सवाल उठे। जांच एजेंसियों ने इन पहलुओं के साथ भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की। हालांकि, आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों के बीच अंतर को ध्यान में रखते हुए मामले के निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

एसआईटी जांच के बाद आगे बढ़ा मामला

भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाले अभ्यर्थियों की शिकायतों और न्यायिक हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई थी। वर्ष 2018 में एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी। इसके बाद प्रकरण में आगे की जांच और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की गई। योगेश कुमार उस समय विभाग के प्रमुख सचिव थे। भर्ती के बाद वह सेवानिवृत्त हो गए थे। अब ईओडब्ल्यू की ओर से उनकी गिरफ्तारी को इस पुराने मामले में अहम कार्रवाई माना जा रहा है।

तत्कालीन मंत्री राजकिशोर सिंह की अभियोजन स्वीकृति लंबित

भर्ती के समय पशुधन मंत्री रहे राजकिशोर सिंह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति से जुड़ी फाइल शासन में लंबित बताई जा रही है। ऐसे में योगेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी। अभियोजन स्वीकृति पर निर्णय होने के बाद ही संबंधित कानूनी प्रक्रिया की अगली स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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