न्यूरी गांव में आधी रात के करीब घुसे दो नकाबपोश बदमाश, प्रदेश मंत्री रमेश सिंह यादव से सोने की चेन, अंगूठी और कड़ा उतरवाने के साथ नकदी समेत करीब 50 लाख लूट ले गए, पुलिस ने जांच के लिए पांच टीमें बनाईं
भारत 19/ कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री और बिधनू के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह यादव के फार्महाउस में घुसकर दो नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे के बल पर लूटपाट की। सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्यूरी गांव स्थित फार्महाउस में सोमवार देर रात हुई वारदात के दौरान बदमाशों ने रमेश यादव से सोने की चेन, अंगूठी और हाथ का कड़ा उतरवा लिया। इसके बाद नकदी लेकर धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है।
लखनऊ से लौटने के बाद फार्महाउस में अकेले थे रमेश यादव
रमेश यादव सोमवार रात करीब 11 बजे लखनऊ से लौटे थे। वह फार्महाउस के हॉल में सोफे पर अकेले बैठे थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके सुरक्षा गार्ड भी अपने घर जा चुके थे। इसी दौरान हॉल का दरवाजा खुला देखकर दो नकाबपोश बदमाश अंदर घुस आए और तमंचा तानकर लूटपाट की। बदमाशों ने आभूषण उतरवाने के साथ फार्महाउस में रखी नकदी भी लूट ली। वारदात के बाद वे धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना के बाद रमेश यादव ने मीडिया से खुलकर बात नहीं की और फार्महाउस में मीडिया की आवाजाही भी सीमित रखी गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वारदात के खुलासे के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। फार्महाउस से निकलकर भागते समय दो बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान करने तथा वारदात में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
एक अक्टूबर को बने थे भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री
रमेश सिंह यादव बिधनू के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। वह वर्ष 2022 में बसपा के टिकट पर बिठूर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं। वह एक अक्टूबर 2026 को भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री बने थे। भाजपा नेता के फार्महाउस में हुई वारदात के बाद सुरक्षा व्यवस्था और बदमाशों के घटनास्थल तक पहुंचने और फरार हो जाने के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वारदात के पीछे किसी विशेष कारण या साजिश की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


