- चार साल के आय-व्यय को लेकर चल रही थी तनातनी, गोलीबारी में दो सगे भाइयों और किशोर की मौत, एक घायल, मुख्य आरोपी समेत आठ हिरासत में
भारत 19/ बरेली। रामलीला कमेटी के चंदे और आय-व्यय के हिसाब को लेकर चल रहा विवाद पीलीभीत के अमरिया कस्बे में खूनी संघर्ष में बदल गया। सोमवार रात दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इसमें दो सगे भाइयों अंकित गुप्ता और मोहित गुप्ता के साथ किशोर कुनाल श्रीवास्तव की मौत हो गई, जबकि रोज गुप्ता घायल हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद कस्बे में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया।
चार साल के हिसाब को लेकर चल रही थी तनातनी
रामलीला मेला कमेटी के आय-व्यय और चंदे का हिसाब इस विवाद की प्रमुख वजह बताया जा रहा है। अमर उजाला की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, नौ अक्टूबर को कमेटी की बैठक में सदस्य कौशल गुप्ता ने पिछले करीब चार वर्षों के आय-व्यय और चंदे का हिसाब मांगा था। इसी मुद्दे पर कमेटी के पदाधिकारियों के बीच मतभेद चल रहे थे। हालांकि, हिसाब मांगने और फायरिंग के बीच की परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच से ही हो सकेगी।
बैठक से लौटते समय आमने-सामने आए दोनों पक्ष
प्रारंभिक पुलिस जांच के मुताबिक, सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों पक्षों के कुछ लोग एक विद्यालय में आयोजित बैठक से लौट रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान कौशल गुप्ता पक्ष के संतोष गुप्ता ने लाइसेंसी राइफल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से अंकित गुप्ता और कुनाल श्रीवास्तव की मौके पर मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल मोहित गुप्ता ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रोज गुप्ता भी गोली लगने से घायल हुए, जिनका बरेली में उपचार चल रहा है। अंकित और मोहित सगे भाई थे। दोनों पक्षों के बीच रामलीला कमेटी के हिसाब-किताब को लेकर पहले से रंजिश बताई जा रही है। हालांकि, घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
मुख्य आरोपी समेत आठ लोग हिरासत में
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के अनुसार, मामले में कौशल गुप्ता, उसके भाई हर्षित गुप्ता, पिता नरेश गुप्ता, चाचा संतोष गुप्ता और संतोष के बेटे रचित गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों में राकेश अरोड़ा, आशु और विक्की मौर्य शामिल हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई संतोष गुप्ता के नाम की लाइसेंसी राइफल, एक अवैध तमंचा, दो कारें और लाठी-डंडे बरामद किए हैं। बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों की जांच के साथ पुलिस आरोपियों की भूमिका का पता लगा रही है।
डीआईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
तिहरे हत्याकांड की सूचना के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंगलवार सुबह बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी आलोक कुमार और एसपी सुकीर्ति माधव ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एहतियातन कस्बे में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की जांच में अब फायरिंग की परिस्थितियों, विवाद के घटनाक्रम और वारदात में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है।


