- मंडी हाउस से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च में लिया हिस्सा, पूर्व महानगर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी का दावा, पुलिस की घेराबंदी के बावजूद दिल्ली पहुंचे कांग्रेसजन, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
भारत 19/ कानपुर। वोट चोरी के विरोध में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को दिल्ली में निकाले गए पैदल मार्च में कानपुर के कांग्रेसियों ने भी हिस्सा लिया। मंडी हाउस से सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए इस मार्च में शामिल कांग्रेसियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
कानपुर महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कानपुर के कांग्रेसजन सुबह 10 बजे तक दिल्ली के मंडी हाउस पहुंच गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली रवाना होने से पहले कानपुर स्थित उनके आवास की पुलिस ने घेराबंदी कर दी थी। इसके बावजूद वह रात करीब 10:30 बजे दूसरे दरवाजे से निकलकर दिल्ली पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए।
नौशाद आलम मंसूरी के मुताबिक, पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर भी घेराबंदी की थी, लेकिन कांग्रेसजन इससे बचते हुए दिल्ली पहुंचने में सफल रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘ज्ञानेश कुमार को जाना होगा’ जैसे नारे लगाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन में दिलीप शुक्ला, विकास अवस्थी, अमित पांडेय, मदन मोहन शुक्ला, नरेश कटियार, गुफरान अहमद, चांद, दिलशाद अहमद, आसिफ इकबाल, वहाजुद्दीन खान, नरेश त्रिपाठी, धवल पांडेय और अशोक निषाद सहित अन्य कांग्रेसजन शामिल हुए।
