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AITD के आइडियात्सव में दिखे युवाओं के आठ नए स्टार्टअप आइडिया

  • स्मार्ट चश्मे से दृष्टिबाधितों की मदद, AI-ड्रोन से फसल बचाने की योजना; स्वास्थ्य, रोजगार, दिव्यांगजन सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े नवाचारों ने खींचा ध्यान

भारत 19/ कानपुर।  किसी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित स्मार्ट चश्मे के जरिए दृष्टिबाधितों की राह आसान बनाने का विचार दिया, तो किसी ने ड्रोन और AI की मदद से फसलों में बीमारियों की पहचान कर किसानों को नुकसान से बचाने की योजना पेश की। किसी की सोच दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित रही, तो किसी ने विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने का समाधान सुझाया। डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (AITD) के ई-सेल की ओर से आयोजित ‘आइडियात्सव 3.0’ में युवाओं के ऐसे आठ नवाचारी व्यावसायिक विचार सामने आए। ‘विचारों का उत्सव, नए अवसरों की शुरुआत’ थीम पर आधारित इस आयोजन में तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण और स्थानीय उत्पादों से जुड़े समाधान प्रस्तुत किए गए।

स्मार्ट चश्मे से दृष्टिबाधितों की राह आसान बनाने की पहल

अभिनव तिवारी ने ‘Drishti’ नाम से AI-संचालित स्मार्ट चश्मे का विचार प्रस्तुत किया। इसका उद्देश्य आसपास की वस्तुओं, रास्ते में आने वाली बाधाओं और लिखे हुए पाठ को पहचानकर ऑडियो के माध्यम से जानकारी देना है। इससे दृष्टिबाधित व्यक्तियों को रोजमर्रा के कामों में अधिक स्वतंत्रता दिलाने की परिकल्पना है।

AI और ड्रोन से फसलों को बचाने की योजना

आयुष शुक्ला का ‘AgriRakshak’ कृषि में तकनीक के इस्तेमाल पर केंद्रित है। इसके तहत AI और ड्रोन की मदद से फसलों में बीमारियों की शुरुआती पहचान करने और किसानों को उचित सुझाव देने की योजना है। समय रहते बीमारी का पता लगाकर फसल के नुकसान को कम करना इस विचार का प्रमुख उद्देश्य है।

AI से दर्द के संभावित कारणों की जानकारी

सत्यम त्रिपाठी ने ‘AI Pain Analyzer’ की परिकल्पना प्रस्तुत की। यह प्रस्तावित AI-आधारित वेबसाइट होगी, जिसमें 3D मानव शरीर के मॉडल पर दर्द वाले स्थान का चयन करके उसके संभावित कारणों, सावधानियों और सामान्य उपायों की जानकारी देने की योजना है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी शुरुआती जानकारी को सुलभ बनाना है। यह चिकित्सकीय जांच या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं होगा।

दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर

शिवम शेठ ने ‘Ability 360’ का विचार रखा। यह पहल दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, रोजगार और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने पर केंद्रित है। तकनीक के माध्यम से अवसरों की उपलब्धता बढ़ाना और समावेशी समाज को प्रोत्साहित करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।

विद्यार्थियों और उद्योगों के बीच दूरी घटाएगा SkillBridge

आदित्य तिवारी ने ‘SkillBridge’ प्लेटफॉर्म की योजना पेश की। इसके जरिए विद्यार्थियों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच दूरी कम करने की परिकल्पना है। प्लेटफॉर्म पर इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट, कौशल विकास, रिज्यूमे निर्माण और करियर संबंधी अवसर उपलब्ध कराने का विचार है, ताकि विद्यार्थी रोजगार की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।

वेब डेवलपमेंट सेवाओं को संगठित पहचान देने का विचार

गौरव मिश्रा के ‘GMD Tech’ का उद्देश्य भारत में वेब डेवलपमेंट सेवाओं को मजबूत और व्यवस्थित स्वरूप देना है। यह विचार वेब डेवलपमेंट उद्योग को अधिक संगठित पहचान दिलाने और इस क्षेत्र में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है।

Regional Roots से स्थानीय स्वाद को मिलेगा बाजार

अनीश गुप्ता ने ‘Regional Roots’ नाम से गिफ्टिंग स्टार्टअप का विचार प्रस्तुत किया। इसके तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक स्नैक्स और स्थानीय खाद्य उत्पादों को आकर्षक गिफ्ट बॉक्स में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे क्षेत्रीय स्वादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और स्थानीय ब्रांडों को प्रोत्साहित करने की संभावना है।

प्लास्टिक का इस्तेमाल घटाने की पहल

अनुराग कुमार का ‘Remove Plastic Save India’ विचार प्लास्टिक और पॉलीथीन के अत्यधिक इस्तेमाल को कम करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को प्लास्टिक का उपयोग घटाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण की दिशा में योगदान दिया जा सके।

विद्यार्थियों के विचारों को स्टार्टअप में बदलने का मंच

आइडियात्सव 3.0 में प्रस्तुत आठ विचारों का दायरा तकनीकी नवाचार से आगे बढ़कर सामाजिक जरूरतों, कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण और स्थानीय उत्पादों तक फैला रहा। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए विचार प्रस्तुत करने के साथ उन्हें व्यावहारिक समाधान और संभावित व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। मंच के जरिए स्टार्टअप इनक्यूबेशन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, पहचान, पुरस्कार और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। ऐसे आयोजन युवाओं में रचनात्मकता, समस्या-समाधान की क्षमता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

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