- सीएसए से बर्रा-8 तक 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के डिपो में ट्रैक निर्माण पूरा, 15 ट्रैक लाइनें तैयार, मेनलाइन से जोड़ने वाले रैंप पर भी काम पूरा, अंडरग्राउंड सेक्शन की डाउनलाइन पर टेस्टिंग शुरू करने की तैयारी
भारत 19/ कानपुर। कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) में ट्रेनों की टेस्टिंग शुरू करने की दिशा में अहम प्रगति हुई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) परिसर में बन रहे मेट्रो डिपो में ट्रैक निर्माण पूरा हो गया है। डिपो को मेनलाइन से जोड़ने वाले रैंप पर भी ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। इससे डिपो में खड़ी ट्रेनों को मेनलाइन तक लाकर तकनीकी परीक्षण करने का रास्ता साफ हुआ है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) अंडरग्राउंड सेक्शन की डाउनलाइन पर भी जल्द टेस्टिंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
डिपो में तैयार हुईं 15 ट्रैक लाइनें
सीएसए परिसर में बन रहे मेट्रो डिपो में कुल 15 ट्रैक लाइनें तैयार की गई हैं। इनमें चार स्टेबलिंग लाइनें, तीन शंटिंग लाइनें, दो वर्कशॉप बे लाइनें, दो इंस्पेक्शन बे लाइनें, एक कोच अनलोडिंग लाइन, एक कोच वॉशिंग लाइन, एक पिट व्हील लाइन और एक टेस्ट ट्रैक शामिल है। करीब 550 मीटर लंबे टेस्ट ट्रैक पर मेट्रो ट्रेनों के ब्रेक, गति, सिग्नल रिस्पॉन्स और अन्य जरूरी प्रणालियों की जांच की जाएगी। अलग-अलग ट्रैक लाइनों का इस्तेमाल ट्रेनों को खड़ा करने, उनकी आवाजाही, निरीक्षण और रखरखाव जैसे कार्यों के लिए होगा।
सीएसए से बर्रा-8 तक बन रहे आठ स्टेशन
कॉरिडोर-2 की लंबाई करीब 8.60 किलोमीटर है। इस पर सीएसए से बर्रा-8 तक आठ मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें तीन स्टेशन भूमिगत और पांच एलिवेटेड होंगे। प्रस्तावित रूट में सीएसए कृषि विश्वविद्यालय, रावतपुर, काकादेव, डबल पुलिया, विजयनगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8 स्टेशन शामिल हैं। रावतपुर स्टेशन पर यात्रियों को कॉरिडोर-1 से जुड़ने की सुविधा मिलेगी। डिपो और मेनलाइन को जोड़ने वाले रैंप पर ट्रैक निर्माण पूरा होने के बाद ट्रेनों को डिपो से मुख्य ट्रैक तक लाकर तकनीकी जांच की जा सकेगी। हालांकि, टेस्टिंग शुरू होने और यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू होने की तारीख अलग-अलग होगी। यात्री सेवाएं शुरू करने से पहले ट्रेनों और संबंधित प्रणालियों की जरूरी जांच पूरी करनी होगी।
डिपो में गिट्टी वाले और गिट्टी रहित दोनों ट्रैक
मेट्रो डिपो में बैलास्टेड यानी गिट्टी वाले और बैलास्ट-लेस यानी गिट्टी रहित, दोनों प्रकार के ट्रैक बनाए गए हैं। मेनलाइन पर सामान्यतः गिट्टी रहित ट्रैक का इस्तेमाल होता है, जबकि डिपो में तकनीकी जरूरतों और रखरखाव से जुड़े कार्यों के लिए गिट्टी वाले ट्रैक का भी उपयोग किया जाता है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि कॉरिडोर-2 के डिपो से विजय नगर स्टेशन के निकट स्थित रैंप के बीच डाउनलाइन पर ट्रैक निर्माण पूरा होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके मुताबिक, भूमिगत और एलिवेटेड, दोनों हिस्सों में सिविल निर्माण तथा सिस्टम लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न विभागों के समन्वय से अंडरग्राउंड सेक्शन की डाउनलाइन पर जल्द टेस्टिंग शुरू करने की तैयारी है।
कॉरिडोर-2 से उत्तर और दक्षिण कानपुर को जोड़ने की तैयारी
फिलहाल कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 पर आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक करीब 15 किलोमीटर के हिस्से में यात्री सेवाएं चल रही हैं। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक शेष हिस्से में भी यात्री सेवाएं शुरू होने का इंतजार है। कॉरिडोर-2 पूरा होने पर शहर के उत्तर और दक्षिण के प्रमुख आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।


