- कुलपति ने लिया संज्ञान, कथित अवैध वसूली पर जीरो टॉलरेंस, रक्त, दवा, जांच, मरीज को भर्ती कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों की सूचना देने की अपील
भारत 19/ सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के ब्लड बैंक में कथित रक्त दलाली का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के निर्देश पर प्रकरण में सैफई थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के हितों से खिलवाड़ और अस्पताल परिसर में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुलपति के निर्देश पर कार्रवाई, जांच में तय होगी जिम्मेदारी
कुलपति ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, इस प्रकरण में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नैतिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। रक्त जैसी जीवनरक्षक जरूरत से जुड़ी व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता गंभीर मामला है। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रक्त, दवा और नौकरी के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, अस्पताल परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति रक्त, दवाइयों, चिकित्सकीय जांच, मरीज को भर्ती कराने या नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो इसकी तत्काल सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को दें। इसके लिए सहायक सुरक्षा अधिकारी रामवृक्ष गौतम का संपर्क नंबर 9634957202 जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते साझा करें, ताकि संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मरीजों के हितों से समझौता नहीं करेगा प्रशासन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के हित, चिकित्सा सेवाओं की पारदर्शिता और संस्थान की विश्वसनीयता सर्वोपरि हैं। रक्त की जरूरत के समय मरीजों और उनके परिजनों की मजबूरी का फायदा उठाने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच के तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी और अस्पताल परिसर में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।


