- पावर कॉरपोरेशन की सहमति से हटाए गए आउटसोर्स कर्मियों को राहत की उम्मीद, सेवा आयु सीमा 55 से बढ़ाकर 60 साल करने पर सहमति, 55 वर्ष पूरे कर चुके कर्मियों को मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और शपथपत्र देना होगा
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी से हटाए गए 25 हजार से अधिक आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों की वापसी की उम्मीद बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) और कर्मचारी संगठन के बीच हुई बैठक में पात्र कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने तथा सेवा की अधिकतम आयु सीमा 55 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने पर सहमति बनी है। हालांकि, यह राहत सभी कर्मचारियों की स्वतः बहाली की गारंटी नहीं है। दोबारा तैनाती के लिए कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की जांच होगी और निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। सहमति को लागू करने के लिए संबंधित आदेश और अनुबंधों में संशोधन की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।
बेदाग सेवा रिकॉर्ड वालों की वापसी पर विचार
बैठक में हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने का रास्ता खोलने पर सहमति बनी। इसके तहत ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता दिए जाने की बात है, जिनका सेवा रिकॉर्ड संतोषजनक रहा है। संबंधित विद्युत वितरण कंपनियां कर्मचारियों के रिकॉर्ड और उनके खिलाफ दर्ज शिकायतों की जांच करेंगी। इसलिए 25 हजार से अधिक कर्मचारियों की वापसी का रास्ता खुलने का मतलब यह नहीं है कि सभी को तत्काल नौकरी मिल जाएगी। पात्रता, सेवा रिकॉर्ड और संबंधित नियमों के सत्यापन के बाद ही दोबारा तैनाती की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
55 नहीं, अब 60 साल तक काम करने की सहमति
पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और कर्मचारी संगठन के बीच आउटसोर्स कर्मियों की अधिकतम सेवा आयु सीमा बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। मौजूदा व्यवस्था में 55 वर्ष की उम्र पूरी होने पर सेवा समाप्त होने की समस्या को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहा था। प्रस्तावित बदलाव के तहत पात्र कर्मचारी 60 वर्ष की आयु तक काम कर सकेंगे। 55 वर्ष पूरे कर चुके कर्मचारियों को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और शपथपत्र देना होगा। इन दस्तावेजों के जरिए उनकी शारीरिक फिटनेस और काम जारी रखने की सहमति सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यवस्था के प्रभावी होने की अंतिम स्थिति संबंधित आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।
आउटसोर्स एजेंसियों के अनुबंधों में बदलाव जरूरी
फैसले को लागू करने के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के साथ किए गए अनुबंधों में आवश्यक संशोधन किए जाने की बात है। इसके बाद पात्र कर्मचारियों की बहाली और सेवा आयु सीमा से जुड़े प्रावधानों को लागू करने का रास्ता साफ हो सकेगा। कर्मचारी संगठन लंबे समय से हटाए गए कर्मचारियों की वापसी और सेवा आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा था। बैठक में बनी सहमति के बाद संगठन की ओर से प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने और बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली तथा वितरण व्यवस्था में सहयोग करने की बात कही गई है।
दो साल में हटाए गए थे 25 हजार से अधिक कर्मचारी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदेश के बिजली विभाग में करीब दो साल पहले लगभग 85 हजार आउटसोर्स कर्मचारी तैनात थे। बाद के वर्षों में 25 हजार से अधिक कर्मचारियों को अलग-अलग चरणों में सेवा से हटा दिया गया। इसके बाद से कर्मचारी संगठन बहाली और सेवा आयु सीमा बढ़ाने की मांग उठा रहा था। प्रस्तावित राहत से पात्र कर्मचारियों को दोबारा रोजगार मिलने और अनुभवी कर्मियों की सेवाएं जारी रहने की संभावना है। हालांकि, कितने कर्मचारियों की वापसी होगी और प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, यह सेवा रिकॉर्ड की जांच, संबंधित एजेंसियों के अनुबंधों में संशोधन और आधिकारिक आदेशों पर निर्भर करेगा।


