- पूजा, हवन और दीपक के लिए बने अखाद्य वसा उत्पादों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध, पैकेट पर काला क्रॉस और ‘मानव उपभोग हेतु अनुपयुक्त’ लिखना अनिवार्य, उल्लंघन पर स्टॉक जब्ती और लाइसेंस निलंबन तक कार्रवाई
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ‘पूजा घी’ के नाम से बिकने वाले अखाद्य वसा उत्पादों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने स्पष्ट किया है कि पूजा, हवन और दीपक जलाने के लिए बनाए जाने वाले ऐसे उत्पादों को खाने योग्य घी की तरह पेश नहीं किया जा सकेगा। पैकेट पर ‘घी’ शब्द लिखने और इस नाम से उत्पाद बेचने पर भी रोक लगाई गई है। विभाग का कहना है कि रंग, गंध और पैकेजिंग के कारण उपभोक्ता इन अखाद्य उत्पादों को गलती से खाने वाला घी समझ सकते हैं, जिससे उनकी सेहत को खतरा हो सकता है।
पैकेट पर काला क्रॉस, ‘खाने के लिए नहीं’ लिखना जरूरी
FSDA के निर्देशों के मुताबिक, पूजा और हवन के लिए तैयार अखाद्य वसा उत्पादों के खुदरा पैकेट पर निर्धारित प्रारूप में काले रंग का क्रॉस निशान लगाना होगा। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी में ‘मानव उपभोग हेतु अनुपयुक्त’ यानी ‘Not for Human Consumption’** स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को पैकेट देखते ही यह बताना है कि उत्पाद खाने के लिए नहीं है। विभाग ने निर्देश दिया है कि ऐसे उत्पादों को ‘पूजा घी’ या इस तरह के किसी नाम से प्रचारित और बेचा नहीं जा सकेगा, जिससे वे खाद्य घी जैसे लगें। यह प्रतिबंध अखाद्य पूजन उत्पादों पर लागू है, सामान्य खाने योग्य घी पर नहीं।
वनस्पति, रिफाइंड तेल और रसायनों से बन रहे उत्पाद
FSDA के मुताबिक, कुछ इकाइयां पूजा, हवन और दीपक जलाने के लिए ऐसे वसा उत्पाद तैयार करती हैं, जिनमें वनस्पति, रिफाइंड तेल, एसेंस, पैराफिन, मिनरल ऑयल और अन्य रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल हो सकता है। इन उत्पादों का रंग, गंध और पैकेजिंग बाजार में बिकने वाले खाद्य घी जैसी होने से इनके गलती से खा लिए जाने की आशंका रहती है। विभाग ने यह भी चिंता जताई है कि कुछ इकाइयों में खाद्य घी, तेल और दूसरी खाद्य सामग्री के साथ ही अखाद्य पूजन उत्पादों का निर्माण या पैकेजिंग की जाती है। इससे खाद्य और अखाद्य पदार्थों के आपस में मिल जाने, गलत लेबलिंग और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में अखाद्य उत्पाद पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
खाद्य इकाइयों में रसायन मिले तो होगी कार्रवाई
आदेश में खाद्य घी, तेल और अन्य खाद्य वसा बनाने वाली इकाइयों को भी सतर्क किया गया है। यदि खाद्य पदार्थों के निर्माण या पैकेजिंग वाले परिसर में पैराफिन, मिनरल ऑयल, एसेंस या पूजन सामग्री में इस्तेमाल होने वाले दूसरे रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का जोर खाद्य और अखाद्य उत्पादों को अलग रखने तथा संदूषण की आशंका रोकने पर है।
नियम तोड़ने पर स्टॉक जब्त, लाइसेंस भी हो सकता है निलंबित
FSDA ने संबंधित इकाइयों को निर्देशों का तत्काल पालन करने को कहा है। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित उत्पादों का स्टॉक जब्त किया जा सकता है। इसके साथ खाद्य प्रतिष्ठान का लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई भी हो सकती है। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर निगरानी बढ़ाने के बीच यह आदेश उपभोक्ताओं को भ्रम से बचाने और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था में अखाद्य उत्पादों के प्रवेश को रोकने की दिशा में उठाया गया कदम है।


