- 103वीं जयंती पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, एमएससी गणित के विद्यार्थी हर्षित राम गुप्ता ने तैयार की वेबसाइट, डॉक्यूमेंट्री से नई पीढ़ी जानेगी महान वैज्ञानिक का योगदान
भारत 19/ कानपुर। गणित और सैद्धांतिक भौतिकी की दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले महान वैज्ञानिक प्रो. हरीश चंद्र की विरासत अब डिजिटल माध्यम से भी नई पीढ़ी तक पहुंचेगी। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में उनकी 103वीं जयंती पर शनिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस दौरान उनके जीवन और वैज्ञानिक उपलब्धियों पर आधारित वेबसाइट का लोकार्पण किया गया। साथ ही, उनके जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के जरिए विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उनके वैज्ञानिक योगदान से परिचित कराया गया।
‘हरीश चंद्र की विरासत’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज की ओर से आयोजित कार्यशाला का विषय ‘हरीश चंद्र की विरासत: गणित एवं भौतिकी का उत्सव’ है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और शोध के प्रति रुचि विकसित करना है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में स्कूल के निदेशक प्रो. आरके द्विवेदी ने प्रो. हरीश चंद्र की जीवन यात्रा, शैक्षणिक उपलब्धियों और गणित एवं सैद्धांतिक भौतिकी में उनके उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महान वैज्ञानिकों के कार्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराना वैज्ञानिक चेतना के विकास के लिए जरूरी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और शोध के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एमएससी के विद्यार्थी ने तैयार की वैज्ञानिक की वेबसाइट
कार्यशाला का खास आकर्षण प्रो. हरीश चंद्र के जीवन और उपलब्धियों पर तैयार वेबसाइट का लोकार्पण रहा। एमएससी गणित के विद्यार्थी हर्षित राम गुप्ता ने यह वेबसाइट तैयार की है। इस डिजिटल पहल के माध्यम से विद्यार्थी और शोधार्थी महान वैज्ञानिक के जीवन, शोध और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। वेबसाइट का उद्देश्य प्रो. हरीश चंद्र के वैज्ञानिक योगदान को अधिक सुलभ बनाना और उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसके बाद प्रदर्शित डॉक्यूमेंट्री के जरिए प्रतिभागियों ने उनके प्रेरणादायी जीवन और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय पर पड़े प्रभाव को जाना।
गणित और भौतिकी में शोध को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यशाला में एचबीटीयू के प्रो. एपी द्विवेदी ने गणित एवं भौतिक विज्ञान में उत्कृष्ट अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थागत प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने वैज्ञानिक शोध और अकादमिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरिश्चंद्र रिसर्च इंस्टीट्यूट (एचआरआई) के गणित विभाग के रीडर प्रो. तुहिन घोष शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में एचआरआई के प्रोफेसर एवं डीन (प्रशासन) प्रो. आर. थंगादुरई ने भी सहभागिता की।


